
आदित्यपुर (सरायकेला-खरसावां) क्षेत्र में चरमराती बुनियादी सुविधाओं, बेहाल ट्रैफिक और पेयजल आपूर्ति में हो रही मनमानी को लेकर आदित्यपुर अधिवक्ता संघ ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। रविवार, 17 मई 2026 को रोड नंबर 32, आदित्यपुर-2 स्थित कार्यालय में संघ के अध्यक्ष डी.एन. ओझा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस अहम बैठक में अधिवक्ताओं के हित के साथ-साथ शहरवासियों की प्रमुख समस्याओं पर गंभीर चर्चा की गई और लापरवाह एजेंसियों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया गया।
एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट जल्द लागू करने की मांग
बैठक के पहले प्रस्ताव में झारखंड स्टेट बार काउंसिल के सभी नवनिर्वाचित सदस्यों को उनकी जीत पर बधाई दी गई। इसके साथ ही एक सुर में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि झारखंड राज्य में अधिवक्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ‘अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट’ (Advocate Protection Act) को जल्द से जल्द लागू किया जाए।
पटेल चौक का जाम और बदहाल सर्विस लेन
अधिवक्ताओं ने आदित्यपुर-KANDRA मुख्य मार्ग की ट्रैफिक व्यवस्था पर गहरी चिंता व्यक्त की। बैठक में मुद्दा उठाया गया कि आदित्यपुर पटेल चौक के पास बेतरकीब ढंग से खड़े ऑटो-टेंपो के कारण रोजाना भीषण जाम लगता है, जिससे राहगीरों और चालकों के बीच आए दिन नोकझोंक होती रहती है। संघ ने मांग की है कि आदित्यपुर-KANDRA सड़क के सर्विस लेन और फुटपाथ को हर हाल में चलने योग्य बनाया जाए। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए अधिवक्ता संघ का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही जिले के उपायुक्त (DC) और पुलिस अधीक्षक (SP) से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपेगा।
जिंदल प्रबंधन की लापरवाही: 15 हजार घर रहेंगे प्यासे!
बैठक का सबसे ज्वलंत मुद्दा आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति रहा, जिसकी जिम्मेदारी जिंदल प्रबंधन के पास है। अधिवक्ताओं ने जिंदल की कार्यशैली की तीखी आलोचना की। यह बताया गया कि सीतारामपुर में 30 MLD (मिलियन लीटर पर डे) का नया वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बनकर तैयार है। इस योजना का उद्देश्य निगम क्षेत्र के 20,000 से 22,000 टैक्स चुकाने वाले उपभोक्ताओं को पानी देना है। लेकिन, हैरानी की बात यह है कि जिंदल ने अब तक मात्र 4,000 से 5,000 घरों को ही कनेक्शन दिया है। इसका सीधा मतलब है कि नया प्लांट चालू होने के बाद भी करीब 15,000 परिवार पानी की बूंद-बूंद को तरसेंगे।
इसके अलावा, पुरानी पाइपलाइन से भी पानी की आपूर्ति बिना किसी पूर्व सूचना के ठप कर दी जाती है। जब उपभोक्ता कारण जानने के लिए फोन करते हैं, तो जिंदल प्रबंधन का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी फोन नहीं उठाता। पेयजल एक अनिवार्य सेवा है, लेकिन कंपनी की इस मनमानी से आदित्यपुर नगर निगम की जनता त्रस्त है।
उपायुक्त और नगर निगम प्रशासन से कार्रवाई की अपील
संघ ने सरायकेला-खरसावां जिले के उपायुक्त, आदित्यपुर के मेयर और अपर नगर आयुक्त से स्पष्ट मांग की है कि जनता को परेशान करने वाले इस लापरवाह जिंदल प्रबंधन पर अविलंब सख्त कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।
बैठक में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति:
इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य संरक्षक ओम प्रकाश, संरक्षक अरुण कुमार सिंह, रंजना मिश्रा, उपाध्यक्ष मनोज दुबे, निशांत कुमार, मनोज कुमार, महासचिव रवि शंकर पासवान, उप सचिव डीएन शर्मा, कोषाध्यक्ष महेश ठाकुर, अधिवक्ता संजीव कुमार, आशुतोष कुमार और एल.बी. ठाकुर सहित कई गणमान्य अधिवक्ता शामिल हुए।


