
आदित्यपुर।

आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में इन दिनों पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद स्थानीय जनता को पीने का साफ पानी नसीब नहीं हो रहा है। प्रशासन और नगर निगम की इस घोर लापरवाही के खिलाफ अब स्थानीय लोगों और संगठनों का गुस्सा फूट पड़ा है। पेयजल संकट को लेकर जन कल्याण मोर्चा, आदित्यपुर और आदित्यपुर अधिवक्ता संघ के संयुक्त नेतृत्व में आगामी 13 जून 2026 (शनिवार) को एक विशाल महाधरने का आयोजन किया जा रहा है।
*395 करोड़ की योजना बनी ‘सफेद हाथी*’
आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में जलापूर्ति को सुदृढ़ करने के लिए 4 दिसंबर 2018 को 395 करोड़ रुपये की लागत से एक महत्वाकांक्षी जलापूर्ति योजना का निर्माण शुरू किया गया था। इस योजना को 3 दिसंबर 2021 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन विडंबना देखिए कि वर्षों बीत जाने के बाद भी यह योजना धरातल पर पूरी तरह से विफल साबित हो रही है और आम जनता आज भी पानी की एक-एक बूंद को मोहताज है।
*सीतारामपुर और सापड़ा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का हाल बेहाल*
इस योजना के तहत दो प्रमुख वाटर ट्रीटमेंट प्लांट (WTP) का निर्माण होना था। सीतारामपुर Water Treatment Plant (30MLD) का निर्माण पूरे 5 साल के विलंब के बाद 31 मार्च 2026 को पूरा तो हुआ, लेकिन 9 अप्रैल 2026 से ‘टेस्टिंग’ के नाम पर सिर्फ जनता की आँखों में धूल झोंकी जा रही है। अब तक कई घरों में पानी का पाइप तक नहीं जोड़ा गया है।
वहीं दूसरी ओर, सापड़ा Water Treatment Plant (60MLD) का निर्माण 5 साल बाद भी अधूरा है। पानी की टंकियों का निर्माण इतनी घटिया गुणवत्ता का कराया गया है कि उनके टूटने का खतरा हमेशा बना रहता है। सापड़ा प्लांट चालू होने से ही पूरे आदित्यपुर-1 में पानी की सप्लाई सुनिश्चित हो सकेगी। हालत यह है कि वार्ड नं.-17 पूरी तरह से ‘Dry Zone’ बन चुका है, लेकिन आदित्यपुर नगर निगम प्रशासन ने पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है।
*पटेल चौक के पास एक दिवसीय महाधरना*
इस गंभीर जन-मुद्दे को लेकर आदित्यपुर-काण्ड्रा मुख्य सड़क पर पटेल चौक के सामने और आकाशवाणी के बगल में 13 जून 2026 को सुबह 10:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक एक दिवसीय महाधरने का आयोजन किया गया है। आयोजकों ने आदित्यपुर के सभी बुद्धिजीवियों, निर्वाचित पार्षदों और पानी की समस्या से त्रस्त आम नागरिकों से अपील की है कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में इस महाधरने में शामिल हों, ताकि नगर निगम पर भारी दबाव बनाया जा सके।
*धरना आयोजन समिति के प्रमुख चेहरे*
इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए एक आयोजन समिति का गठन किया गया है जिसमें मुख्य रूप से शारदा देवी (सामाजिक कार्यकर्ता), सुधीर चौधरी (पार्षद), नीतू शर्मा (पार्षद), धनंजय गुप्ता (पार्षद), शशांक गांगुली (सामाजिक कार्यकर्ता), मनोज कुमार (अधिवक्ता) और आशुतोष कुमार (अधिवक्ता) शामिल हैं। इसके साथ ही जन कल्याण मोर्चा के अध्यक्ष ओम प्रकाश और आदित्यपुर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष दीपेंद्र नाथ ओझा के नेतृत्व में यह पूरा कार्यक्रम संचालित किया जाएगा


