आदित्यपुर (सरायकेला-खरसावां): आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए उत्पादन की गुणवत्ता में सुधार और लागत नियंत्रण बेहद जरूरी है। इसी उद्देश्य से शुक्रवार को आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर सभागार में इंडियन फाउंडेशन फॉर क्वालिटी मैनेजमेंट (IFQM) और टाटा स्टील की टोटल क्वालिटी मैनेजमेंट (TQM) टीम के संयुक्त तत्वावधान में विशेष सेमिनार आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में आदित्यपुर स्मॉल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एसिया), सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में उद्यमियों ने भाग लिया।
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गुणवत्ता नहीं सुधरी तो पिछड़ जाएंगे उद्योग : इंदर कुमार अग्रवाल
एसिया के अध्यक्ष इंदर कुमार अग्रवाल ने कहा कि आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में कई इकाइयां उत्पादों की गुणवत्ता के मामले में अपेक्षित स्तर हासिल नहीं कर पा रही हैं। इसका सीधा असर उनकी बाजार में प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता पर पड़ता है।
उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय उद्योग विश्वस्तरीय गुणवत्ता को अपनाएं, तो उनके लिए नए बाजार और कारोबारी अवसर खुल सकते हैं। इससे आदित्यपुर के साथ देश की औद्योगिक पहचान भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी।
वेस्टेज घटाकर एक उद्यमी ने बचाए एक करोड़ रुपये से अधिक
टाटा स्टील के चीफ प्रोक्योरमेंट ऑफिसर (CPO) रंजन कुमार सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को सफल बनाने के लिए भारतीय विनिर्माण क्षेत्र में गुणवत्ता सुधार सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
उन्होंने बताया कि IFQM एक गैर-लाभकारी संगठन है, जो उद्योगों को किफायती दरों पर विशेषज्ञ सलाह और गुणवत्ता प्रबंधन से जुड़ा मार्गदर्शन उपलब्ध कराता है।
रंजन कुमार सिन्हा ने एक स्थानीय उद्यमी का उदाहरण देते हुए बताया कि उत्पादन प्रक्रिया में वेस्टेज कम करने से उस उद्यमी ने एक करोड़ रुपये से अधिक की बचत की।
उन्होंने कहा कि बेहतर गुणवत्ता प्रबंधन से उत्पादन लागत घटाने, कारोबार बढ़ाने, मुनाफा सुधारने और कर्मचारियों की संतुष्टि बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य से जुड़ा गुणवत्ता सुधार अभियान
टाटा स्टील से IFQM में प्रतिनियुक्त राहुल मल्लिक ने बताया कि संगठन का उद्देश्य भारतीय उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना और निर्यात क्षमता बढ़ाना है।उन्होंने कहा कि IFQM का गुणवत्ता सुधार अभियान ‘विकसित भारत 2047’ के राष्ट्रीय लक्ष्य से जुड़ा है। नौ संस्थापक सदस्यों से शुरू हुई इस पहल से अब 65 सदस्य जुड़ चुके हैं।सेमिनार में उद्यमियों को उत्पादन प्रक्रियाओं में सुधार, संसाधनों के बेहतर उपयोग और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को अपनाने के महत्व से अवगत कराया गया।
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टाटा स्टील और औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद
कार्यक्रम में IFQM के पी. कनियप्पन और नीतिश कुमार, टाटा स्टील की चीफ टीक्यूएम तृप्ति श्रीवास्तव तथा बसंत सुब्रमण्यम उपस्थित रहे।इसके अलावा एसिया के पूर्व अध्यक्ष संतोष खेतान, महासचिव प्रवीण गुटगुटिया, राजीव रंजन मुन्ना, रतन लाल अग्रवाल, चतुर्भुज केडिया, लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार शर्मा, सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मानव केडिया, सुधीर सिंह और राजकुमार संघी सहित अन्य उद्यमी मौजूद थे।
सेमिनार का मुख्य संदेश रहा कि आदित्यपुर के एमएसएमई उद्योगों को वैश्विक बाजार में मजबूत पहचान बनाने के लिए गुणवत्ता, उत्पादकता और लागत नियंत्रण पर एक साथ काम करना होगा।

