
जामताड़ा:
शिक्षक दिवस के शुभ अवसर पर जामताड़ा के नारी शक्ति के जिला संयोजक आभा आर्य के नेतृत्व में आर्य रेस्टोरेंट में कुछ शिक्षकों को बुके देकर सम्मानित देकर सम्मानित किया गया । सर्वप्रथम उपस्थित नारी शक्ति की आज की नारियां ,बच्चे एवं उपस्थित शिक्षक एवं शिक्षिकाओं द्वारा सर्वप्रथम राधाकृष्णन की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई ।वही स्वागत गीत तनुश्री खां द्वारा प्रस्तुत किया गया और मंच संचालन मणि माला डे नेकी। वही सभा को संबोधित करती हुई आभा आर्या ने उपस्थित सभी शिक्षकों को कार्यक्रम में भाग लेने के लिए और इस सुनहरे मौके पर शुभकामनाएं दी ।
कहा कि शिक्षक सर्वत्र पूजते यानी शिक्षक को सभी जगह पूजे जाते हैं। आगे कहा कि शिक्षक एक ऐसा चीज है जो एक बीज को तैयार कर एक पौधा में परिवर्तन कर फिर शिच कर एक विशाल वृक्ष के रूप में परिवर्तित कर देते हैं या एक बीज को सड़ा भी सकते हैं ।इसलिए सदियों से सनातन धर्म में गुरुओं का सम्मान होता आ रहा है और आज भी जो गुरु का सम्मान नहीं करते हैं वे अपने जीवन में सफलता हासिल नहीं कर सकते हैं।
आगे आभा ने बताया कि जिस देश जिस राज्य में शासकों द्वारा गुरु का सम्मान नहीं करते उस देश उस राज्य के शासक का अंत होना तय है। तत्पश्चात सभी शिक्षक एक शिक्षिकाओं ने अपनी बातों को रखा।
बता दें कि राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 ईस्वी में मद्रास के छोटे से गांव तिरुट्टनी में हुआ था। उनका मृत्यु चेन्नई में 17 अप्रैल 1975 ईस्वी को हुई थी। देश आजादी के बाद राधाकृष्णन भारत देश के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं द्वितीय राष्ट्रपति बने ।उनको देश का सर्वश्रेष्ठ सम्मान भारत रत्न से भी नवाजा गया । उनकी कृति को आज हम लोग याद करते हैं और उनके अनुसार चलने का प्रयास कर रहे हैं। मौके पर शिक्षक संदीप कुमार, योगेंद्र मंडल, मधुसूदन दास, लक्ष्मी गुप्ता, मिठू मेहता , सनातन डे,बिहारी रजक, डांस एकेडमी के शिक्षक बिजय सिंह,उषा रानी,शुमन कुमार ,संगीता कुमारी,बोनोश्री ,अरुण मंडल आदि उपस्थित थे।



