
आदित्यपुर: जमशेदपुर के मरीन ड्राइव पर कार सवार चार छात्रों की मौत की घटना पर ‘इंडस्ट्रियल स्टेबिलिटी एंड रिफॉर्म ऑर्गनाइजेशन’ (ISRO) के अध्यक्ष रूपेश कतारियार ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति शोक जताते हुए औद्योगिक क्षेत्र और प्रमुख सड़कों पर यातायात सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठाए हैं।
रूपेश कतारियार ने कहा कि मरीन ड्राइव पर खराब पड़ी गाड़ी को यदि समय रहते सड़क से हटाकर सुरक्षित स्थान पर किया गया होता, तो संभव है कि हादसे को टाला जा सकता था। उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद बताते हुए सड़क सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग की।
आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की यातायात व्यवस्था पर सवाल
कतारियार ने आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र के साथ-साथ टाटा-कांड्रा, सरायकेला और चौका मार्ग की यातायात व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। उनके अनुसार, क्षेत्र में भारी वाहनों की आवाजाही अधिक है और कई स्थानों पर पार्किंग तथा यातायात प्रबंधन की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में क्षेत्र में उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़े हैं, लेकिन इसके साथ सड़क सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को भी प्राथमिकता देने की जरूरत है।
अवैध पार्किंग और खराब सड़कें बनीं चुनौती
रूपेश कतारियार ने कहा कि भारी वाहनों के लिए निर्धारित पार्किंग जोन नहीं होने के कारण कई बार वाहन सर्विस लेन और मुख्य सड़कों के किनारे खड़े कर दिए जाते हैं। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है।
उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र की आंतरिक सड़कों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उनके मुताबिक, एनआईटी मोड़, सुधा मोड़ और उषा मोड़ जैसे प्रमुख स्थानों पर सुबह और शाम की पाली के दौरान जाम की स्थिति बनती है।
24 घंटे ट्रैफिक पुलिसिंग और विशेष पार्किंग जोन की मांग
रूपेश कतारियार ने प्रशासन से मुख्य और औद्योगिक मार्गों पर 24 घंटे ट्रैफिक पुलिसिंग की व्यवस्था लागू करने की मांग की। उन्होंने गलत स्थान पर पार्किंग करने वाले भारी वाहनों पर आर्थिक दंड लगाने तथा औद्योगिक क्षेत्र में विशेष पार्किंग जोन विकसित करने की भी मांग की।
उन्होंने कहा कि आदित्यपुर क्षेत्र में बड़ी संख्या में उद्योग संचालित हैं और यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रमिक एवं आम नागरिक आवागमन करते हैं। ऐसे में सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना प्रशासन और जियाडा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
कतारियार ने मरीन ड्राइव हादसे की पृष्ठभूमि में सड़क सुरक्षा, खराब वाहनों को तत्काल हटाने, पार्किंग व्यवस्था और भारी वाहनों के परिचालन की निगरानी को लेकर ठोस कदम उठाने की मांग की।

