जमशेदपुर।
आगामी दीपावली उत्सव के दौरान पटाखे फोड़ने, दीप जलाने और विद्युत सजावट से आग लगने की संभावित घटनाओं को रोकने के लिए जोनल रेलवे ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (ZRTI), सिनी में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। टाटानगर रेल सिविल डिफेंस टीम द्वारा आयोजित इस विशेष अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण में कुल 302 रेलकर्मियों ने हिस्सा लिया और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के गुर सीखे।
302 रेलकर्मियों ने लिया सुरक्षा का प्रशिक्षण
इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में विभिन्न बैचों के रेलकर्मियों ने भाग लिया, जिनमें स्टेशन मैनेजर रिफ्रेशर, ट्रेन मैनेजर रिफ्रेशर, सहायक लोको पायलट प्रमोशन, टीएमआर प्रमोशन, सीसीटीसी प्रमोशनल और टीएनसी के कर्मी शामिल थे।
ट्रेन मैनेजरों की अधिक संख्या को देखते हुए इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को सुचारू रूप से दो चरणों में संचालित किया गया।
राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित सदस्य और सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने आगजनी की विभिन्न परिस्थितियों और बचाव के उपायों पर विस्तृत तकनीकी जानकारी दी।
सही फायर एक्सटिंग्विशर का उपयोग और पशुओं की सुरक्षा
इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने आग बुझाने के विभिन्न यंत्रों (Fire Extinguishers) के सही इस्तेमाल पर जोर दिया।
उन्होंने बताया कि विद्युत उपकरणों की आग (क्लास-C) के लिए हमेशा CO₂ एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल करना चाहिए। वहीं पटाखों या ठोस ज्वलनशील पदार्थों (क्लास-A) और तेल या तरल पदार्थों (क्लास-B) की आग के लिए उपयुक्त श्रेणी के अग्निशमन यंत्र का ही प्रयोग करें।
पटाखे जलाते समय सुरक्षा के दृष्टिकोण से पास में पानी और बालू से भरी बाल्टी रखने व सुरक्षित दूरी बनाने की अपील की गई।
इसके अलावा, पटाखों की तेज आवाज से बेजुबान पशु-पक्षियों (खासकर पालतू कुत्तों) पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव के प्रति भी लोगों को जागरूक किया गया। साथ ही रेबीज से बचाव व कुत्ते के काटने पर जरूरी सावधानियों की जानकारी भी दी गई।
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प्राथमिक उपचार (First Aid) का लाइव मॉक ड्रिल
कार्यक्रम के दौरान डेमोंस्ट्रेटर अनामिका मंडल ने आपातकालीन परिस्थितियों में प्राथमिक उपचार (First Aid) का लाइव प्रदर्शन (Mock Drill) किया। उन्होंने बताया कि पटाखे जलाने के दौरान हाथ या शरीर के अन्य हिस्से जलने, छाती या सिर में चोट लगने जैसी स्थिति में क्या करना चाहिए। घायल व्यक्ति को तत्काल बैंडेज लगाने और सही तरीके से प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य रेलकर्मियों को अग्नि दुर्घटनाओं के प्रति जागरूक करना और आपात स्थिति में स्वयं व दूसरों की जान बचाने के लिए दक्ष बनाना था।


