
मृत्युंजय बर्मन
SERAIKELA NEWS:
सोना-चांदी की कीमतें कभी फीकी नहीं होतीं। यही वजह है कि ज्वेलरी प्रतिष्ठान अपराधियों के लिए आकर्षक लक्ष्य बनते जा रहे हैं। सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम में पिछले कुछ महीनों में रंगदारी, जानलेवा हमला, चोरी के प्रयास और ठगी की घटनाओं ने व्यापारियों के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है। यदि समय रहते प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।

दो घटनाएं, एक जैसी तस्वीर
गत सात दिनों के अंदर सरायकेला स्थित भगवती ज्वेलर्स में पश्चिम बंगाल के बाबू अली और शेख शैयद अली ग्राहक बनकर पहुंचे और कान की बाली चोरी करने का प्रयास किया। दुकान कर्मियों और आसपास के लोगों की सतर्कता से दोनों मौके पर ही पकड़ लिए गए। बाद में पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। दूसरी घटना, आरआईटी थाना क्षेत्र स्थित प्रेम ज्वेलर्स की है। संचालक प्रेम चंद्र वर्मा से कथित रूप से रंगदारी मांगी गई। विरोध करने पर उन पर चापड़ से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। मुख्य आरोपी विशाल मिश्रा को स्थानीय लोगों ने घटनास्थल पर ही पकड़ लिया, जबकि दूसरे आरोपी आदित्य कश्यप को बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
एक समानता जिसने खड़े किए कई सवाल
दोनों घटनाओं में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह रहा कि आरोपियों को सबसे पहले आम नागरिकों और स्थानीय लोगों ने पकड़ा। पुलिस बाद में मौके पर पहुंची और कानूनी कार्रवाई पूरी की। व्यापारियों का कहना है कि यदि स्थानीय लोग साहस नहीं दिखाते तो संभव है कि दोनों मामलों में आरोपी भाग निकलते। यही वजह है कि व्यापारियों के बीच यह चर्चा तेज है कि अपराध रोकने की व्यवस्था को और अधिक सक्रिय एवं प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।
बढ़ती कीमतों के साथ बढ़ा जोखिम
स्वर्ण व्यवसायियों का कहना है कि कुछ वर्ष पहले जिस मात्रा का सोना अपेक्षाकृत कम मूल्य का होता था, वही आज कई गुना अधिक मूल्य का हो चुका है। ऐसे में छोटी-सी चोरी या लूट भी लाखों रुपये का नुकसान पहुंचा सकती है। इसी कारण ज्वेलरी प्रतिष्ठान अपराधियों के लिए अधिक आकर्षक बन गए हैं। व्यापारियों का कहना है कि अब सुरक्षा व्यवस्था को भी बदली हुई परिस्थितियों के अनुरूप मजबूत करना होगा।
ठगी का तरीका भी बदल रहा
व्यापारियों के अनुसार अब केवल हथियारबंद अपराधी ही चुनौती नहीं हैं। कई मामलों में शातिर ठग ग्राहक बनकर आते हैं, दुकानदार का विश्वास जीतते हैं और मौका मिलते ही आभूषण लेकर फरार हो जाते हैं। ऐसे अपराधों का पता कई बार देर से चलता है, जिससे आरोपियों तक पहुंचना कठिन हो जाता है।
व्यापारियों की प्रमुख मांगें
स्वर्णकार विकास मंच के अध्यक्ष रंजीत बर्मन ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा व्यापारियों की सुरक्षा एक बहुत बड़ा मुद्दा है। कहा कि ज्वेलरी बाजारों में नियमित पुलिस गश्त बढ़ाई जाए। संवेदनशील प्रतिष्ठानों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए। सीसीटीवी निगरानी तंत्र को मजबूत किया जाए। संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाए। लंबित मामलों का शीघ्र खुलासा और लूटे गए जेवरों की बरामदगी सुनिश्चित की जाए। व्यापारिक संगठनों के साथ पुलिस की नियमित सुरक्षा समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएं।
व्यापार ही नहीं, अर्थव्यवस्था का भी सवाल
व्यापारियों का कहना है कि यदि कारोबारी खुद को असुरक्षित महसूस करेंगे तो इसका असर स्थानीय बाजार, निवेश और रोजगार पर भी पड़ेगा। सरायकेला-खरसावां और पूर्वी सिंहभूम का ज्वेलरी कारोबार हजारों परिवारों की आजीविका से जुड़ा है। ऐसे में इसकी सुरक्षा केवल व्यापारियों का नहीं बल्कि व्यापक आर्थिक हित का भी विषय है।
अब प्रशासन की अगली परीक्षा
दोनों जिलों के स्वर्ण व्यवसायियों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन और पुलिस इन घटनाओं को केवल अलग-अलग आपराधिक मामलों के रूप में नहीं, बल्कि एक उभरती हुई सुरक्षा चुनौती के रूप में देखेंगे। व्यापारियों का मानना है कि अपराध होने के बाद कार्रवाई आवश्यक है, लेकिन उससे भी अधिक जरूरी है अपराध की रोकथाम। यदि पुलिस और प्रशासन समय रहते प्रभावी रणनीति अपनाते हैं तो न केवल व्यापारियों का विश्वास मजबूत होगा, बल्कि अपराधियों में कानून का भय भी स्थापित होगा।


