
सरायकेला-खरसावां।

जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है। सरकारी अस्पतालों में अब जटिल से जटिल बीमारियों का सफल इलाज संभव हो पा रहा है। इसी कड़ी में 06 जुलाई 2026 को सदर अस्पताल सरायकेला (Sadar Hospital Seraikela) के दंत विभाग में एक महिला मरीज का सफल शल्य चिकित्सा (ऑपरेशन) किया गया, जिससे उसे दो महीने से चली आ रही एक दर्दनाक समस्या से हमेशा के लिए मुक्ति मिल गई।
तालू और दांतों के बीच बढ़ गई थी 3 सेमी की मांसपेशी
अस्पताल सूत्रों के अनुसार, राजनगर प्रखंड के अंतर्गत आने वाले छेड़िया पहाड़ी निवासी सीता हेंब्रम पिछले लगभग दो माह से मुंह की एक गंभीर बीमारी ‘जिंजाइवल हाइपरप्लेशिया’ (Gingival Hyperplasia) से पीड़ित थीं। इस बीमारी के कारण उनके मुंह के तालू और दांतों के बीच लगभग 2 से 3 सेंटीमीटर आकार की एक मांसपेशीय वृद्धि (मांस का बढ़ना) हो गई थी। स्थिति इतनी गंभीर थी कि मरीज को भोजन करने, पानी पीने और दैनिक जीवन की सामान्य गतिविधियों में काफी असहनीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।
डॉ. रीना सिंह की टीम ने किया सफल ऑपरेशन
सदर अस्पताल के दंत विभाग में मरीज की जांच के बाद डॉक्टरों ने त्वरित ऑपरेशन का निर्णय लिया। अस्पताल की सीनियर डेंटल सर्जन डॉ. रीना सिंह और दंत स्वास्थ्य विज्ञान विशेषज्ञ (डेंटल हाइजीनिस्ट) राजू कुमार पासवान की टीम द्वारा इस जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। चिकित्सकों की इस कुशलता से महिला को दर्द और तकलीफ से बड़ी राहत मिली है। ऑपरेशन के उपरांत आवश्यक बायोप्सी (Biopsy) जांच के लिए निकाले गए ऊतक (टिश्यू) का नमूना एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जमशेदपुर भेजा गया है, ताकि किसी अन्य गंभीर बीमारी की संभावना को रूल आउट किया जा सके।
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क्या है जिंजाइवल हाइपरप्लेशिया और इसके मुख्य कारण?
ऑपरेशन के बाद चिकित्सकों ने आम जनता को जागरूक करते हुए इस बीमारी के कारणों पर प्रकाश डाला। डॉक्टरों ने बताया कि जिंजाइवल हाइपरप्लेशिया (मसूड़ों और मुंह की मांसपेशियों का असामान्य रूप से बढ़ना) जैसी समस्याएं मुख्य रूप से निम्नलिखित कारणों से विकसित हो सकती हैं:
तंबाकू और तंबाकूजनित उत्पादों जैसे गुटखा, पान, खैनी, सुपारी आदि का लगातार सेवन।
अन्य नशीले पदार्थों का उपयोग।
मुंह और दांतों की उचित साफ-सफाई (Oral Hygiene) न रखना।
कुछ विशेष प्रकार की दवाओं के साइड इफेक्ट्स।
चिकित्सकों ने सलाह दी है कि मुंह में किसी भी प्रकार का छाला, सूजन या मांस बढ़ने जैसे लक्षण दिखाई देने पर घरेलू उपचार के बजाय शीघ्र किसी प्रशिक्षित डॉक्टर से परामर्श और उपचार कराना चाहिए।
तंबाकू से दूरी और समय पर जांच ही बचाव का उपाय
सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन द्वारा राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग (NCD) कार्यक्रम के अंतर्गत समय-समय पर विभिन्न जागरूकता गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है। इसके माध्यम से आमजन को तंबाकू सेवन के खतरनाक दुष्प्रभावों और मुख स्वास्थ्य के प्रति लगातार जागरूक किया जाता है।
स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी रूप में तंबाकू और तंबाकूजनित पदार्थों का सेवन न करें। साथ ही, अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी इस जानलेवा लत से दूर रहने के लिए प्रेरित करें। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर जांच, सही उपचार और तंबाकू से पूर्ण दूरी बनाकर मुख कैंसर (Oral Cancer) सहित अन्य गंभीर बीमारियों के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।



