
जमशेदपुर / जादूगोड़ा: झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा स्थित एक छोटे से गांव ‘कुमिरमुड़ी’ में जन्मे रवि राज मुर्मू ने बचपन से ही अपनी सीमाओं से आगे बढ़कर बड़े सपने देखे थे। आज रवि एक सफल फिल्ममेकर और एडिटर हैं, जिनके काम को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल चुकी है।


कुमिरमुड़ी गांव की पगडंडियों से निकलकर देश के प्रतिष्ठित मनोरंजन प्लेटफॉर्म्स और ‘नेशनल अवार्ड’ तक पहुंचने की उनकी इस सफलता की कहानी में टाटा स्टील फाउंडेशन (Tata Steel Foundation) का साथ और मार्गदर्शन एक अहम कड़ी रहा है।
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2008 में ज्योति फेलोशिप से मिली थी पहली उड़ान
रवि का टाटा स्टील फाउंडेशन के साथ जुड़ाव वर्ष 2008 में शुरू हुआ था, जब उनका चयन ‘ज्योति फेलोशिप’ के लिए हुआ। इस कार्यक्रम के जरिए उन्हें अपनी माध्यमिक शिक्षा के दौरान न सिर्फ आर्थिक सहयोग मिला बल्कि सही मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ।
स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने वीडियो प्रोडक्शन में विशेषज्ञता के साथ मास कम्युनिकेशन में स्नातक किया। इसी दौरान उनकी मुलाकात टाटा स्टील फाउंडेशन की पहल समुदाय के साथ (SKS) टीम से हुई। यह पहल सिनेमा के माध्यम से देशभर के आदिवासी और जनजातीय समुदायों की आवाज़ को व्यापक मंच प्रदान करने का कार्य करती है।
SKS से मिला मेंटरशिप और FTII का सफर
‘समुदाय के साथ’ (SKS) के तहत रवि को उनकी एक फिल्म के लिए ‘कम्युनिटी श्रेणी’ में पुरस्कार मिला। फिल्म मेकिंग को अपना पेशा बनाने के दृढ़ संकल्प के साथ रवि ने डॉक्यूमेंट्री, वेडिंग फोटोग्राफी और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जैसे कई रास्ते तलाशे।
उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए टाटा स्टील फाउंडेशन ने उन्हें ‘टाटा स्टील स्कॉलर’ के रूप में पुणे स्थित प्रतिष्ठित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) में प्रवेश दिलाया, जहाँ से उन्होंने फिल्म निर्माण में स्नातकोत्तर डिप्लोमा (PG Diploma) पूरा किया।
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नेटफ्लिक्स से लेकर नेशनल अवार्ड तक का शानदार सफर
अपने पेशेवर सफर में रवि ने कई डॉक्यूमेंट्री, प्रमोशनल फिल्मों और व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स पर काम किया। अपनी बढ़ती विशेषज्ञता के दम पर उन्होंने दुनिया के प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म्स जैसे नेटफ्लिक्स (Netflix), जियो हॉटस्टार (Jio Hotstar) और अमेजन प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video) के लिए एसोसिएट एडिटर और ट्रेलर एडिटर के रूप में अपना बहुमूल्य योगदान दिया।
‘अंगेन’ ने दिलाया नेशनल अवार्ड: रवि की यात्रा का सबसे अहम पड़ाव वर्ष 2026 में आया, जब आदिवासी संस्कृति और उनके जीवन के अनुभवों से प्रेरित उनकी फिल्म ‘अंगेन’ को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Award) से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि ने झारखंड की समृद्ध कहानी कहने की परंपरा को पूरे देश में एक नई पहचान दिलाई है।
“टाटा स्टील फाउंडेशन मेरे लिए एक परिवार जैसा है”
अपनी इस सफलता का श्रेय देते हुए रवि कहते हैं, “टाटा स्टील फाउंडेशन के साथ मेरा जुड़ाव हमेशा एक परिवार का हिस्सा होने जैसा रहा है। संवाद समुदाय के माध्यम से मुझे लगातार प्रोत्साहन और नए अवसर मिले, जिसने मेरे सफ़र के हर पड़ाव पर मुझ पर विश्वास बनाए रखा।”
भविष्य का क्या है सपना? आज रवि का सपना झारखंड की प्रामाणिक और आदिवासी कहानियों पर फीचर फिल्में बनाना है। वे अपने राज्य में एक ऐसा प्रोडक्शन हाउस स्थापित करना चाहते हैं, जो यहाँ की मौलिक कहानियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पटल तक पहुँचा सके।



