रांची.
रविवार को रांची के फिरायालाल चौक पर ट्रांसजेंडर समुदाय ने हाल ही में लोकसभा में पेश किए गए ट्रांसजेंडर पर्सन्स(अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक 2026 के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. इसमें पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, रामगढ़, हजारीबाग और रांची से बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए.
प्रदर्शनकारियों ने “हमें चाहिए आजादी” जैसे नारों के साथ कहा कि प्रस्तावित विधेयक उनके अधिकारों और अस्तित्व के खिलाफ है. उनका आरोप है कि यह कानून समुदाय की पहचान, स्वायत्तता और अधिकारों को कमजोर करता है.
ट्रांसजेंडर समुदाय के हितों के लिए कार्यरत उत्थान सीबीओ की सचिव अमरजीत ने कहा कि ट्रांसजेंडर समुदाय लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करता आया है, लेकिन इस तरह के विधेयक उनकी उपलब्धियों को पीछे धकेल सकते हैं. उन्होंने नालसा जजमेंट 2014 का हवाला देते हुए सरकार से समुदाय के अधिकारों की रक्षा करने की मांग की. प्रदर्शन के दौरान समुदाय ने यह भी कहा कि यदि यह विधेयक लागू होता है तो ट्रांसजेंडर लोगों को और अधिक सामाजिक व प्रशासनिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा.
अंत में प्रदर्शनकारियों ने सरकार से इस विधेयक पर पुनर्विचार करने और समुदाय से संवाद स्थापित करने की मांग की.ट्रांसजेंडर अधिकार, संशोधन विधेयक 2026, रांची विरोध प्रदर्शन, फिरायालाल चौक, ट्रांसजेंडर समुदाय, LGBTQIA+ अधिकार, स्वायत्तता, स्व-पहचान, मानवाधिकार, नालसा जजमेंट 2014, सामाजिक न्याय, उत्थान CBO, नागरिक आंदोलन, समानता, अधिकार संरक्षण




