
बेंगलुरु। कर्नाटक के चामराजनगर जिले के सुलिवादी गांव में शुक्रवार को एक मंदिर में प्रसाद खाने से 11 लोगों की मौत हो गई जबकि 75 लोग बीमार हो गए. पुलिस ने यह जानकारी दी है. पुलिस ने कहा कि 12 अन्य लोगों की हालत गंभीर है और उन्हें इलाज के लिये मैसूरु भेजा गया है. जिला स्वास्थ्य अधिकारी प्रसाद ने कहा कि इस बात का संदेह है कि प्रसाद के साथ जहर मिल गया हो, जिसकी वजह से यह दर्दनाक हादसा हुआ.


जिला स्वास्थ्य ने पत्रकारों को बताया, “हमने प्रसाद के नमूने इकट्ठे कर जांच के लिये प्रयोगशाला भेज दिये हैं.” पुलिस के मुताबिक गुरुवार सुबह मरम्मा मंदिर की आधारशिला रखे जाने के मौके पर प्रसाद बांटा गया था. पुलिस ने कहा कि प्रसाद खाने के बाद लोगों को उल्टी होने के साथ पेट में दर्द होने लगा.
घटना के बाद आनन-फानन में लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया. इसके बाद पुलिस और जिला के आला अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे. इलाज के दौरान 11 लोगों ने दम तोड़ दिया. हादसे पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने अधिकारियों को पीड़ितों के इलाज के लिये सभी इंतजाम करने को कहा है. कुछ पीड़ितों का कहना है कि प्रसाद में मिट्टी के तेल की गंध आ रही थी जिसे उन्होंने नजरअंदाज कर दिया.
कर्नाटक के सीएम एच डी कुमारस्वामी ने मैसूर और चामराजनगर के डिप्टी कमिश्नर को घटना से प्रभावित लोगों के उपचार का ध्यान रखने का निर्देश दिया है. साथ ही पुलिस महानिदेशक को घटना की जांच करने का आदेश भी दे दिया

