नागपुर।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) नागपुर मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और शासकीय रेल पुलिस (GRP) ने ‘ऑपरेशन यात्री सुरक्षा’ के तहत एक संयुक्त अभियान में शानदार सफलता हासिल की है। ट्रेनों में सफर करने वाले यात्रियों का कीमती सामान चुराने वाले एक बड़े अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को धर दबोचा है। इस गिरोह को ‘खगड़िया पेपर गैंग’ के नाम से जाना जाता है। इस गिरफ्तारी के साथ ही लाखों रुपये की चोरी के दो प्रमुख मामलों को सुलझा लिया गया है।
कैसे काम करता था ‘खगड़िया पेपर गैंग’?
पूछताछ में आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। यह गिरोह मुख्य रूप से पैसेंजर ट्रेनों को अपना निशाना बनाता था। इनका काम करने का तरीका (Modus Operandi) बेहद शातिराना था। ये चोर ट्रेन की ऊपरी बर्थ (Upper Berth) पर रखे यात्रियों के बैग और सूटकेस को टारगेट करते थे। चोरी करते समय ये अखबार फैलाकर या अन्य सामान की आड़ लेकर बड़ी सफाई से बैग की चेन खोलते थे। अंदर रखे गहने या नकदी निकालने के बाद वे वापस चेन बंद कर देते थे, जिससे पीड़ित यात्री को तुरंत चोरी का कोई अंदेशा ही नहीं होता था।
बिहार से जुड़ा है मास्टरमाइंड, बेरोजगारों को बनाता था मोहरा
गिरोह का मुख्य संचालक मूल रूप से बिहार के खगड़िया क्षेत्र का रहने वाला है। वह वर्तमान में छत्तीसगढ़ के भिलाई में छिपकर इस पूरे सिंडिकेट को ऑपरेट कर रहा था। पुलिस के अनुसार, यह मास्टरमाइंड बेरोजगार और गरीब युवाओं को पैसों का लालच देकर अपने साथ इस अपराध में शामिल करता था।
इन दो बड़े चोरी के मामलों का हुआ खुलासा
इस गैंग की गिरफ्तारी से जीआरपी इतवारी में दर्ज दो बड़े मामलों की गुत्थी सुलझ गई है:
पहला मामला: 26 मार्च 2026 को गाड़ी संख्या 55189 (इतवारी–छिंदवाड़ा पैसेंजर) में एक यात्री के बैग से ₹2,44,700/- कीमत के सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए गए थे। (अपराध क्रमांक 16/2026)
दूसरा मामला: 16 फरवरी 2026 को गाड़ी संख्या 58206 (इतवारी–रायपुर पैसेंजर) में एक अन्य यात्री के ₹2,20,853/- मूल्य के आभूषण पार कर दिए गए थे। (अपराध क्रमांक 06/2026)
तकनीकी निगरानी और डिकॉय टीम की बिछाई जाल
इन लगातार हो रही घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए, मंडल सुरक्षा आयुक्त दीप चंद्र आर्य के कड़े निर्देशों पर RPF नागपुर की एक विशेष टास्क टीम और डिकॉय (छद्म वेशी) टीमों का गठन किया गया था। अपराध गुप्तचर शाखा द्वारा लगातार सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे थे और संदिग्धों पर तकनीकी निगरानी रखी जा रही थी।
इसी बीच, 11 अप्रैल 2026 को एक गुप्त सूचना के आधार पर, टास्क टीम और जीआरपी इतवारी ने गाड़ी संख्या 58206 में संयुक्त छापेमारी कर तीन संदिग्धों को रंगे हाथों पकड़ा। बाद में सीसीटीवी फुटेज और पीड़ितों द्वारा की गई पहचान के आधार पर इनके अपराध की पूरी तरह पुष्टि हो गई।
कार्रवाई में इन अधिकारियों का रहा विशेष योगदान
इस पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में रेसुब/अपराध गुप्तचर शाखा नागपुर और मंडल टास्क टीम के सहायक उप निरीक्षक जे.के. सिंह, प्रधान आरक्षक रामफल कुरैती, आरक्षक राजू पेशने एवं पंकज भंडारकर के साथ-साथ जीआरपी इतवारी की थाना प्रभारी नीलम डोंगरे की बेहद अहम भूमिका रही।
रेलवे की यात्रियों से अपील: सतर्क रहें, सुरक्षित रहें
रेसुब नागपुर मंडल ने सभी रेल यात्रियों से अपील की है कि वे सफर के दौरान अपने सामान की सुरक्षा के प्रति अतिरिक्त सावधानी बरतें। यदि ट्रेन या स्टेशन पर कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि दिखाई दे, तो तुरंत रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी, टीटीई को सूचित करें या रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करें, ताकि अपराधियों पर त्वरित लगाम कसी जा सके।




