
मधुबनी में बीती रात आसमान से गिरी आफत, हजारों घर हुए तबाह।


अजय धारी सिंह
मधुबनी : शुक्रवार की देर शाम आंधी तूफान के साथ हुई ओलावृष्टि व बारिश में जिले के विभिन्न हिस्सों के हजारों घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। सबसे ज्यादा क्षति खपरैल व एस्बेस्टस के मकानों को हुई है जो आसमान से बरपे इस कहर में पूरी तरह तबाह हो गए हैं। लोग बेघर होकर बगल के सरकारी विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों व अन्य निजी पक्के मकानों में शरण लेने को बाध्य हुए हैं। ओलावृष्टि इतनी खतरनाक तरीके से शुरू हुई की लोगों को सोचने का भी मौका नहीं मिला और देखते ही देखते घरों के छप्पर बर्बाद हो गए।
ये मधुबनी जिला के बेनीपट्टी प्रखंड के देपुरा गांव के अनिल पासवान हैं, इनके हाथ में ओला है। कल रात इनके गाँव में जमकर ओलावृष्टि हुई। जिले के विभिन्न भूभागों से सौ डेढ़ सौ ग्राम तक के ओले गिरने की सूचना है लेकिन ये देखने में ही काफी बड़ा और वजनी लगता है। इसका आकर सुबह होने के बाद इतना है तो रात में गिरने के समय इसके आकार का अंदाजा लगाया जा सकता है। ये का टुकड़ा आसमान से गिरा है या गिरे हुए बर्फ से बना है ये बताना बहुत ही कठिन है। लेकिन सुबह में ओला को देखने पर ये एक बड़े चट्टान या किसी उल्कापिंड जैसा लग रहा था। सोशल मीडिया पर फोटो और मधुबनी के पत्रकार आनन्द दत्ता के ट्विटर हैंडल का स्क्रीन शॉट भी लोगो के बीच वायरल हो रहा है।
प्रकृति के इस कहर ने कोरोना को लेकर जारी लॉकडाउन में जैसे तैसे जी रहे लोगों को एक बार फिर बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है जहाँ हजारों लोग सड़क पर आ गए हैं। इस आँधी, तूफान व ओलावृष्टि से जिले के मधुबनी, जयनगर, झंझारपुर, फुलपरास, बेनीपट्टी सहित सभी 5 अनुमंडलों व 21 प्रखंडों में व्यापक पैमाने पर क्षति हुई है। बारिश और उसके साथ पड़े ओले से जहाँ गेहूँ, आम, लीची, मकई और अन्य फसल के पूरी तरह बर्बाद हो गयी है वहीं कुछ लोग लॉक डाउन के तंगहाली में अपने उजड़े घर की मरम्मत भी नही करा सकते है।
रात के आँधी, तूफान व ओलावृष्टि के बाद मधुबनी जिले में अधिकतर जगह की बिजली भी गुल है।
विसुअल: उल्कापिंड जैसे ओले (वर्फ़ के पत्थर) को उठाये अनिल पासवान का 2 फोटो।
पत्रकार आनन्द दत्ता के ट्विटर हैंडल का स्क्रीन शॉट

