
चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम): शिक्षा, शोध और क्षेत्रीय विकास का महत्वपूर्ण केंद्र माने जाने वाले कोल्हान विश्वविद्यालय (Kolhan University, Chaibasa) ने गुरुवार, 13 अगस्त 2026 को अपना 18वां स्थापना दिवस (Foundation Day) बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया। विश्वविद्यालय के वीर शहीद पोटो हो सभागार में आयोजित इस गरिमापूर्ण समारोह की अध्यक्षता कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता (VC Prof. Anjila Gupta) ने की। वहीं, कार्यक्रम में पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त (DC) श्री मनीष कुमार ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। दीप प्रज्वलन और वीर शहीदों के सम्मान के साथ शुरू हुए इस समारोह में विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, पूर्व सदस्यों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भारी संख्या में भाग लिया। इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. अमर कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया।


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‘विद्यार्थी ज्ञान के साथ-साथ समाज के प्रति संवेदनशील बनें’
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि एवं उपायुक्त मनीष कुमार ने विद्यार्थियों को शिक्षा और ज्ञान के साथ-साथ एक जिम्मेदार नागरिक बनने का कड़ा संदेश दिया।
डिग्री से बड़ा है समाज का विकास: उन्होंने कहा, “विश्वविद्यालय केवल पाठ्यक्रम या डिग्री (Degree) हासिल करने का केंद्र नहीं है, बल्कि यहां युवाओं के व्यक्तित्व और दृष्टिकोण का निर्माण होता है। इसलिए विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ समाज के प्रति संवेदनशील (Sensitive) बनाना बहुत जरूरी है।”
स्थानीय प्रतिभाओं को अवसर: डीसी ने पश्चिमी सिंहभूम और कोल्हान क्षेत्र की प्रतिभाओं की सराहना करते हुए कहा कि युवाओं में अपार संभावनाएं हैं। विश्वविद्यालय को एक ऐसा मंच बनना चाहिए, जहां से स्थानीय प्रतिभाएं निखर कर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकें।
संस्कृति का संरक्षण: उन्होंने कोल्हान की जनजातीय संस्कृति (Tribal Culture) और क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण पर विशेष जोर देते हुए युवाओं से अपनी अमूल्य धरोहरों को सहेजने की अपील की।
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‘नवाचार और कौशल विकास पर है विवि का फोकस’: कुलपति
समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. (डॉ.) अंजिला गुप्ता ने विश्वविद्यालय की 18 वर्षों की सफल यात्रा और भविष्य की योजनाओं (Future Plans) पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि, “उच्च शिक्षा का स्वरूप अब तेजी से बदल रहा है। इसलिए हम पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ अनुसंधान (Research), नवाचार (Innovation), कौशल विकास और रोजगारपरक शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।” कुलपति ने शिक्षकों और शोधार्थियों से अपील की कि वे कोल्हान क्षेत्र की सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय विशिष्टताओं को ध्यान में रखकर अपने शोध कार्यों को आगे बढ़ाएं।
फिल्म ‘अंगेन’ का प्रदर्शन और सांस्कृतिक छटा
स्थापना दिवस समारोह में कला, संस्कृति और समाज सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला:
सम्मान समारोह: विश्वविद्यालय के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले गणमान्य व्यक्तियों, टाटा कॉलेज एलुमनी एसोसिएशन के सदस्यों और पूर्व कर्मियों को सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म: समारोह में 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Award) से सम्मानित फिल्मकार रवि राज मुर्मू विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान उनकी चर्चित संथाली लघु फिल्म ‘अंगेन’ का प्रदर्शन किया गया, जिसने स्थानीय भाषा की कलात्मक गहराई को दर्शाया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम: महिला कॉलेज चाईबासा, पीजी डिपार्टमेंट और करीम सिटी कॉलेज के प्रो. पंकज कुमार झा द्वारा शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिसने दर्शकों का मन मोह लिया।
कला प्रदर्शनी: मुख्य समारोह के समापन के बाद डीसी मनीष कुमार और कुलपति ने विद्यार्थियों द्वारा लगाई गई बेहतरीन कला एवं फोटोग्राफी प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
समारोह का संचालन डॉ. नितीश कुमार महतो ने किया, जबकि कार्यक्रम के संयोजक डॉ. प्रभात कुमार और सह-संयोजक डॉ. मीनाक्षी मुंडा रहे। अंत में परीक्षा नियंत्रक प्रो. रिंकी दोराई ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।



