
रांची / जमशेदपुर: झारखंड के विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा (Medical Education) के बेहतर अवसर प्रदान करने और कोल्हान की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से एक बड़ी पहल की गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के केंद्रीय प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी (Kunal Sarangi) ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी (Health Minister Dr. Irfan Ansari) से मुलाकात कर दो अत्यंत महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा की। मणिपाल एजुकेशन एंड मेडिकल ग्रुप के प्रेसिडेंट सोमनाथ दास की विशेष उपस्थिति में हुई इस बैठक में मुख्य रूप से जमशेदपुर स्थित मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज (MTMC) में झारखंड के बच्चों के लिए आरक्षित मेडिकल सीटों (MBBS Seats) की संख्या 25 से बढ़ाकर 50 करने का आग्रह किया गया।


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झारखंड के छात्रों को मिलेंगी 50 मेडिकल सीटें
वर्तमान में मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज में झारखंड के स्थानीय छात्रों के लिए कुल 25 सीटें निर्धारित हैं (जिसमें 10 सीटें सामान्य वर्ग और 15 सीटें आरक्षित वर्ग के लिए हैं)।
नया प्रस्ताव: कुणाल षाड़ंगी ने इन सीटों को दोगुना करने की मांग रखी। इसका उद्देश्य यह है कि राज्य के अधिक से अधिक होनहार विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर चिकित्सा शिक्षा मिल सके।
मणिपाल ग्रुप का आश्वासन: बैठक में मौजूद मणिपाल एजुकेशन ग्रुप के प्रेसिडेंट सोमनाथ दास ने बताया कि अब इन सीटों की संख्या बढ़ाकर 50 करने का प्रस्ताव तैयार है, जिसमें 20 सीटें सामान्य वर्ग (General Category) और 30 सीटें आरक्षित वर्ग (Reserved Category) के विद्यार्थियों के लिए होंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीटों की संख्या बढ़ाने की आधिकारिक प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी।
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MGM का बोझ घटेगा, मणिपाल में भी शुरू होगी ‘पोस्टमार्टम’ सुविधा
चिकित्सा शिक्षा के अलावा, कुणाल षाड़ंगी ने जमशेदपुरवासियों की एक बड़ी और पुरानी स्वास्थ्य समस्या को भी उठाया। उन्होंने मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में पोस्टमार्टम (Postmortem) की सुविधा जल्द शुरू कराने का भी आग्रह किया।
परिजनों को मिलेगी राहत: वर्तमान में जमशेदपुर और आस-पास के क्षेत्रों में पोस्टमार्टम के लिए केवल महात्मा गांधी मेमोरियल (MGM Medical College and Hospital) पर ही पूरी निर्भरता है। अधिक दबाव के कारण कई बार पोस्टमार्टम प्रक्रिया में भारी विलंब होता है, जिससे शोकाकुल परिजनों को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मणिपाल अस्पताल में यह सुविधा शुरू होने से MGM का दबाव कम होगा और लोगों को त्वरित राहत मिलेगी।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का सकारात्मक रुख
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कुणाल षाड़ंगी की दोनों मांगों पर सकारात्मक (Positive) आश्वासन दिया है। मंत्री ने कहा कि, “आगामी सत्र में इन दोनों प्रस्तावों (सीट वृद्धि और पोस्टमार्टम सुविधा) को पारित कराने की दिशा में स्वास्थ्य विभाग द्वारा आवश्यक और त्वरित पहल की जाएगी।”
बैठक के अंत में कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि झारखंड के बच्चों को बेहतर चिकित्सा शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ, जमशेदपुर में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करना वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है।


