
जमशेदपुर : सिदगोड़ा अमल संघ के समीप खाली पड़े भूखंड पर रैयती का दावा करनेवाले गोपाल मांझी तथा झारखंड मूलवासी अधिकार मंच के संयोजक हरमोहन महतो ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर जमीन आवंटन प्रक्रिया की जांच कर इसे रद्द करने तथा नये सिरे से सीमांकन करने की मांग की है. आज वे मंच के बैनर तले उपायुक्त कार्यालय पहुंचे थे. इस दौरान गोपाल मांझी तथा हरमोहन ने कहा कि टाटा स्टील स्वयं लीजधारी है और इस लिहाज से उसे सबलीज का अधिकार नहीं है और इसमें लीज समझौता का उल्लंघन हुआ है.
उन्होंने कहा कि वर्ष 1909 में जो समझौता हुआ था, उसके अनुसार कारखाना निर्माण के बाद खाली जमीन या अनुपयोगी जमीन सीधे रैयत खतियानधारी को लौटाना है. लेकिन इसका उल्लंघन कर कंपनी ने कौड़ी के भाव रैयती जमीन का बंदरबांट किया है. आरोप लगाया कि कंपनी के पास अभी भी लगभग 50 हजार एकड़ भूखंड कब्जा में है, जिसके एवज में न तो नौकरी, मुआवजा और न ही जमीन वापसी की है. इसलिये उन्होंने उक्त भूखंड का सीमांकन कर अवैध रुप से कब्जा किये गये जमीन को मुक्त कराने की मांग की है. ज्ञात हो कि गतदिनों गोपाल मांझी ने इसके विरोधस्वरुप उक्त भूखंड पर ट्रैक्टर चलाकर हल चलाया था. ज्ञापन सौंपनेवालों में गोपाल मांझी, हरमोहन महतो, सुरा गागराई, शिमोन मुर्मू, धुमा टुडू, आशीष कुमार गौड़ आदि मौजूद थे.

