
जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज द्वारा ‘राष्ट्रीय बालिका दिवस’ के अवसर पर राष्ट्रीय वेबीनार का आयोजन किया गया l मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती जोबा माझी, महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण विभाग मंत्रालय झारखंड सरकार l विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रीमती प्रीति श्रीवास्तव (बाल सुरक्षा विशेषज)एवं डॉ रश्मि वर्मा जमशेदपुर से उपस्थित थे l प्राचार्य एवं भूतपूर्व कुलपति कोल्हान विश्वविद्यालय प्रोफेसर डॉ शुक्ला द्वारा स्वागत भाषण दिया गया l अपने वक्तव्य में इन्होंने कहा कि आज भी 68% बालिकाएं कुपोषित है l शिक्षक क्षेत्रों में कोविड के समय में जब ऑनलाइन कक्षाएं चलाई जा रही हैं l सर्वेक्षण से पता चलता है कि ऐसे समय में भी 28% बालिकाओं को सिर्फ एक घंटा ही मोबाइल इस्तेमाल करने को मिलता है l संगीत विभागअध्यक्ष डॉ सनातन दीप, छात्राओं एवं सौरव लहरी द्वारा स्वागत गान प्रस्तुत किया गया l विशिष्ट वक्ता श्रीमती प्रीति श्रीवास्तव ( बाल सुरक्षा विशेषज्ञ UNICEF रांची) ने वास्तव में झारखंड की कई समस्याओं को उजागर किया l पिछले कुछ वर्षों में बाल विवाह कम हुए हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्र अभी भी इस समस्या से ग्रस्त हैं l लड़के और लड़कियों में भी यौन हिंसा की समस्या है l लेकिन समाज में जागरूकता के द्वारा इन समस्याओं से मुक्ति हो सकती है
डॉ रश्मि वर्मा ने भी लड़के लड़कियों की समानता की बात की l
मुख्य वक्ता डॉ जोबा मांझी महिला विकास एवं समाज कल्याण विभाग मंत्रालय झारखंड सरकार ने अपने वक्तव्य में कहा कि झारखंड में मानव तस्करी एवं कुपोषण की समस्याएं हैं l कुपोषण को जड़ से मिटाने के लिए सरकार कई योजनाएं बनाई हैं l ताकि झारखंड प्रगतिपथ पर अग्रसर हो सके l मानव तस्करी के तहत बेटियों को राज्य से बाहर ना ले जा सके इसके बचाव के लिए सरकार प्रयासरत है लड़कियों की शिक्षा पर भी झारखंड सरकार प्रयासरत है ताकि अधिक से अधिक बेटियां शिक्षित हो सके। कार्यक्रम में डॉ शहाला जबीन, श्री ज्योति प्रकाश महंती , श्री के प्रभाकर राव, श्री तपन मोदक, श्री रोहित विश्वकर्मा, एवं श्री रणजीत उपस्थित थे l कार्यक्रम का संचालन डॉ नूपुर अन्विता मिंज ने किया । ऑनलाइन विभिन्न कॉलेज के शिक्षकगण, शिक्षकेतर बंधु एवं छात्राएं उपस्थित थे।


