
जमशेदपुर. जनता कर्फ्यू के दौरान रविवार शाम को पांच बजते ही शहर के लोगों ने कोरोना के खिलाफ लड़ने वाले वीर डॉक्टरों-नर्सों का ताली बजाकर आभार जताया। इस दौरान लोगों ने थाली और शंखनाद भी किया। इससे पहले प्रधानमंत्री के आह्वाहन पर लोग सुबह जॉगिंग के लिए नहीं निकले। इसके बाद पूरे दिन लोग घरों के अंदर ही रहे। सड़कें सुनसान रही, पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद रहा, बाजार, दुकान और सब्जी मंडियां भी पूरी तरह शटडाउन रही। उधर, प्रशासन की ओर से अपील की गई है कि रात नौ बजे के बाद भी लोग घरों से बाहर न निकले। जनता कर्फ्यू को जारी रखें।


बच्चों और महिलाओं में दिखा उत्साह
ताली, थाली और शंखनाद के दौरान महिलाओं और बच्चों में ज्यादा उत्साह दिखा। शाम के पांच बजते ही लोग अपने परिवार के साथ घर की छतों, बालकनी, दरवाजे के बाहर, सड़क के किनारे खड़े हो गए और पांच मिनट तक ताली, थाली व शंख बजाते दिखे। इस दौरान लोगों ने कहा कि शंख और थाली बजाने की परंपरा पुराने समय से चली आ रही है। मान्यता है कि थाली घर में खुशी के मौके पर जबकि शंख असुरी शक्तियों को भगाकर सकारात्मक शक्तियों के आह्वान के लिए बजाया जाता है। लोगों ने भरोसे से कहा कि भारत और यहां के लोग कोरोनावायरस को हराकर रहेंगे। लोगों ने ताली, थाली और शंख बजाते हुए लोगों ने कहा कि ये उनके प्रति आभार है जो महामारी के दौरान जनता के लिए तत्पर हैं।
लोगों ने कहा- पीएम के जनता कर्फ्यू की अपील को समर्थन
जमशेदपुर के लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनता कर्फ्यू के अपील को अपना पूरा समर्थन दिया। लोगों का कहना था कि मीडिया में कोरोनावायरस की खबरों को देखने के बाद वे पूरे दिन घरों में ही रहे। उन्होंने बताया कि स्कूल-कॉलेज पहले से ही बंद हैं। ऐसे में बच्चे भी घर पर ही थे। दिनभर उनका टाइम बच्चों के साथ गुजरा। कुछ ने बच्चों के साथ मस्ती की तो कुछ ने टीवी देखकर दिन गुजारा।
दिनभर गश्ती करती रही पुलिस
जनता कर्फ्यू के दौरान पुलिस की पीसीआर वैन शहर के भीड़ वाले इलाकों में नियमित रुप से पेट्रोलिंग करती रही। वहीं, जनता कर्फ्यू की अपील पर दिनभर सड़कों पर एक भी वाहन नहीं दिखा। बस और ऑटो सड़क से गायब दिखे। कुछ लोग जो दूसरे जिलों या फिर राज्यों से जमशेदपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे थे, वे पैदल ही सामान लेकर घरों की ओर रवाना हुए।
साकची, बिष्टुपुर, टाटानगर रेलवे स्टेशन, भुईयाडीह बस टर्मिनल, पी एंड एम मॉल के पास अक्सर लोगों की भीड़ रहती है। लेकिन जनता कर्फ्यू की अपील के बाद रविवार को इन स्थानों पर सन्नाटा पसरा रहा। हालांकि जनता कर्फ्यू की अपील के एक-दो दिन पहले से ही भीड़ कम होनी शुरू हो गई थी। कुछ लोग जो जरूरी काम से बाहर निकले तो वे एतिहातन मास्क लगाए हुए थे।

