रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री ने दावोस (विश्व आर्थिक मंच) और यूनाइटेड किंगडम (UK) की अपनी सफल यात्रा के बाद हुए समझौतों (MoUs) की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि हस्ताक्षरित समझौतों को केवल कागजों तक सीमित न रखकर जल्द से जल्द जमीन पर उतारा जाए।
टेक्सटाइल सेक्टर: महिलाओं के लिए रोजगार का नया द्वार
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने टेक्सटाइल पॉलिसी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि वस्त्र उद्योग एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ महिलाओं के लिए रोजगार की अपार संभावनाएं हैं।
पलायन पर रोक: मुख्यमंत्री ने चिंता जताई कि झारखंड के लोग बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों में जाकर टेक्सटाइल सेक्टर में काम करते हैं।
नई नीति: राज्य में एक बेहतर और प्रभावी टेक्सटाइल नीति बनने से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित होगा और पलायन रुकेगा।
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इन 7 प्रमुख क्षेत्रों में निवेश को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे निम्नलिखित क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए सरल और आकर्षक कार्य योजना तैयार करें:
टेक्सटाइल उद्योग: स्थानीय रोजगार और वूमेन इंपावरमेंट के लिए।
उच्च शिक्षा: अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के साथ मिलकर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना।
फूड प्रोसेसिंग: किसानों की समृद्धि और कृषि उत्पादों के मूल्यवर्धन के लिए।
IT और इलेक्ट्रॉनिक्स: तकनीकी विकास और युवाओं के लिए आधुनिक अवसर।
क्रिटिकल मिनरल: रिसर्च, उत्पादन और प्रसंस्करण के लिए UK के संस्थानों के साथ साझेदारी।
पर्यटन: मेगालिथ और मोनोलिथ स्थलों का संरक्षण और जियो टैगिंग के जरिए विकास।
ईवी (EV) कंपोनेंट्स: ऑटोमोबाइल सेक्टर में भविष्य की तकनीक को बढ़ावा।
विश्व मंच पर झारखंड की मजबूत दावेदारी
दावोस यात्रा को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व आर्थिक मंच पर झारखंड ने दुनिया को संदेश दिया है कि यह राज्य अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है।
“दावोस में झारखंड की भागीदारी पूरी तैयारी और मजबूत रणनीति के साथ रही। कई अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक समूहों के साथ सकारात्मक वार्ता हुई है, जिसका लाभ आने वाले समय में राज्य के युवाओं और किसानों को मिलेगा।” – हेमन्त सोरेन, मुख्यमंत्री
सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और विरासत का संरक्षण
मुख्यमंत्री ने यूनाइटेड किंगडम के प्रमुख संस्थानों के साथ संयुक्त साझेदारी कर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का निर्देश दिया। साथ ही, झारखंड की ऐतिहासिक धरोहरों (मेगालिथ और मोनोलिथ स्थलों) के संरक्षण के लिए अधिकारियों को सभी संबंधित क्षेत्रों की जियो टैगिंग करने और एक विस्तृत कार्य योजना बनाने को कहा।
इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल, और उद्योग सचिव अरवा राजकमल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।




