
जमशेदपुर।

कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग (पशुपालन प्रभाग) के झारखंड सरकार द्वारा एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। पूर्वी सिंहभूम जिला अंतर्गत जमशेदपुर में अब पशुओं के लिए दवाओं की बिक्री को लेकर नियम कड़े कर दिए गए हैं। अवर प्रमण्डल पशुपालन पदाधिकारी, जमशेदपुर के कार्यालय द्वारा जारी आवश्यक सूचना के अनुसार, जिले के किसी भी मेडिकल स्टोर पर बिना रजिस्टर्ड पशु चिकित्सक (Veterinarian) की पर्ची के पशु औषधि का विक्रय पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है।
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पशुपालकों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई
दरअसल, पूर्वी सिंहभूम जिले के विभिन्न क्षेत्रों से प्रशासन को लगातार ऐसी गंभीर शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि कई मेडिकल स्टोर्स द्वारा बिना किसी डॉक्टरी परामर्श या पर्ची के ही पशुपालकों को सीधे तौर पर पशुओं की औषधियां बेची जा रही हैं। यह न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि बेजुबान जानवरों के स्वास्थ्य के लिए भी एक बड़ा खतरा है।
गलत डोज से पशुओं की जान को खतरा
प्रशासन द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि बिना पर्ची दवा बिक्री के कारण सबसे बड़ी समस्या ‘गलत डोज’ की आ रही है। योग्य चिकित्सक की सलाह के अभाव में पशुपालक अनजाने में अपने पशुओं को दवाओं की गलत खुराक दे देते हैं। सही डोज प्राप्त नहीं होने के कारण पशुओं को गंभीर स्वास्थ्य परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में, गलत दवा या डोज की वजह से पशुओं की स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।
मेडिकल स्टोर्स के लिए सख्त दिशा-निर्देश और कानूनी चेतावनी
इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेते हुए, कार्यालय अवर प्रमण्डल पशुपालन पदाधिकारी ने जिले के सभी मेडिकल स्टोर्स को कड़ा निर्देश जारी किया है। सभी संचालकों को सूचित किया गया है कि वे तत्काल प्रभाव से किसी भी पशु औषधियों की बिक्री केवल रजिस्टर्ड पशु चिकित्सक द्वारा दी गई वैध दवा की पर्ची के आधार पर ही करें।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि कोई मेडिकल स्टोर संचालक इस आदेश का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा अब मेडिकल स्टोर्स का औचक निरीक्षण भी किया जाएगा। यह निर्णय न केवल पशुओं के स्वास्थ्य की रक्षा करेगा, बल्कि क्षेत्र के पशुपालकों को भी राहत प्रदान करेगा, जो अनजाने में गलत दवाओं का शिकार हो रहे थे।


