
जामताड़ा।
थैलेसीमिया एवं हीमोफीलिया के मरीजों के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने जामताड़ा सदर अस्पताल में बड़ी सौगात दी है। उन्होंने डे केयर सेंटर का विधिवत उद्घाटन कर इसे मरीजों के लिए सुपुर्द कर दिया है। बता दें कि संथाल परगना में दुमका के बाद जामताड़ा जैसे छोटे जिला में डे केयर सेंटर की शुरुआत की गई है। मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि थैलेसीमिया के पीड़ित मरीज और उनके परिजन अक्सर उनसे इस बात की गुजारिश करते थे कि उनके बच्चों को इलाज में काफी कठिनाई उठानी पड़ती है। इलाज के लिए उन्हें बाहर जाना पड़ता है, जिसमें काफी परेशानी और असुविधा होती है। उन्होंने इस चीज को गंभीरता से लेते हुए इस दिशा में पहल किया है।

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मंत्री ने कहा कि दो बेड का यह सेंटर थैलेसीमिया के मरीजों को राहत देने का काम करेगा। इस बीमारी की गंभीरता को देखते हुए इसे मुख्यमंत्री असाध्य रोग के श्रेणी में शामिल किया जा रहा है। जिसमें मरीज को इलाज के लिए 15 लाख तक की सुविधा प्रदान की जाएगी। अगर इससे ज्यादा खर्च की आवश्यकता होती है तो उसे बढ़ाया भी जा सकता है। साथ हीं उन्होंने कहा कि रांची के सदर अस्पताल में बोन मैरो ट्रांसप्लांट करने की तैयारी शुरू कर दी गई है, जो झारखंड के वैसे मरीजों के लिए वरदान साबित होगा।
वही डीसी आलोक कुमार ने कहा कि जामताड़ा जैसे छोटे जगह पर स्वास्थ्य मंत्री की ओर से किया गया यह प्रयास काफी सराहनीय है। जो यहां थैलेसीमिया एवं हीमोफीलिया के मरीजों के लिए वरदान साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह अनुवांशिक बीमारी है और इसका इलाज काफी महंगा है। इस डे केयर सेंटर के संचालित होने से यहां के मरीजों को काफी राहत मिलेगी। वहीं सिविल सर्जन डॉ शिव प्रसाद मिश्रा ने थैलेसीमिया, हीमोफीलिया, सिकल सेल एनीमिया के संदर्भ में विस्तृत जानकारी दी और सेंटर से होने वाले लाभ के बारे में बताया। कहा कि हमारे पास इस बीमारी की दवा उपलब्ध है। मौके पर डीडीसी असीम किस्पोट्टा, जिप उपाध्यक्ष दीपिका बेसरा, रांची से आए पदाधिकारी, उपाधीक्षक सदर अस्पताल डॉ दिनेश प्रसाद, डॉ निलेश कुमार अस्पताल प्रबंधक उज्जवल कुमार सहित अन्य मौजूद थे।


