
जमशेदपुर: परमाणु ऊर्जा प्रणालियों की सुरक्षा, विश्वसनीयता और दीर्घकालिक कार्य-प्रदर्शन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारतीय धातु संस्थान (IIM), जमशेदपुर चैप्टर ने CSIR–राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (CSIR-NML) के सहयोग से एक भव्य विशेषज्ञ तकनीकी व्याख्यान (Expert Technical Lecture) का आयोजन किया। सोमवार, 17 अगस्त 2026 को बर्मामाइंस स्थित CSIR-NML सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय “Status and Trends in Materials for Nuclear Applications” रहा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के तौर पर IIM के अध्यक्ष और न्यूक्लियर फ्यूल कॉम्प्लेक्स (NFC) के मुख्य कार्यकारी डॉ. कोमल कपूर उपस्थित रहे, जिन्होंने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में उभरते तकनीकी रुझानों और उन्नत सामग्रियों (Advanced Materials) की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।


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चुनौतीपूर्ण वातावरण में सामग्रियों के प्रदर्शन पर हुई चर्चा
अपने विशेषज्ञ व्याख्यान में डॉ. कोमल कपूर ने परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में अपने व्यापक अनुभव के आधार पर मौलिक और अनुप्रयोग-आधारित पहलुओं को श्रोताओं के सामने रखा।
अत्यधिक परिचालन परिस्थितियां: उन्होंने बताया कि परमाणु रिएक्टरों के चुनौतीपूर्ण वातावरण में सामग्रियों का चयन कितना अहम है। उन्होंने विकिरण (Radiation) के प्रभाव, संक्षारण (Corrosion) और उच्च तापमान पर संरचनात्मक अखंडता (Structural Integrity) से जुड़ी तकनीकी चुनौतियों पर बात की।
स्वदेशी तकनीक पर जोर: डॉ. कपूर ने भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम की भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए निरंतर अनुसंधान, नवाचार और स्वदेशी तकनीकी क्षमताओं के विकास की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।
अनुसंधान और उद्योग के बीच मजबूत संबंध जरूरी: निदेशक
कार्यक्रम की शुरुआत में IIM जमशेदपुर चैप्टर के चेयरपर्सन डॉ. अतनु रंजन पाल ने स्वागत भाषण दिया और चैप्टर के उद्देश्यों एवं तकनीकी पहलों की जानकारी साझा की। वहीं, CSIR-NML के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने मुख्य वक्ता का परिचय कराते हुए कहा कि, “अनुसंधान संस्थानों, अकादमिक जगत और उद्योग (Industry) के बीच एक मजबूत संबंध स्थापित करने के लिए ऐसे तकनीकी ज्ञान-आदान-प्रदान कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन बेहद जरूरी है।”
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टाटा स्टील, NIT और NML के 200 से अधिक वैज्ञानिक रहे मौजूद
इस विचारोत्तेजक और ज्ञानवर्धक व्याख्यान में 200 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
प्रमुख उपस्थिति: कार्यक्रम में डॉ. एस. शिव प्रसाद (मुख्य वैज्ञानिक, CSIR-NML), डॉ. रघुवीर सिंह, डॉ. ए. एन. भगत (पूर्व चेयरपर्सन, IIM), डॉ. टी. भास्कर (मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी) और श्री तन्मय भट्टाचार्य (चीफ, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, टाटा स्टील लिमिटेड) सहित कई प्रतिष्ठित धातुकर्मी, अभियंता और विद्यार्थी मौजूद रहे।
प्रश्नोत्तर सत्र: व्याख्यान के पश्चात एक इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर (Q&A) सत्र का भी आयोजन हुआ, जहां शोधकर्ताओं और छात्रों ने डॉ. कपूर से परमाणु ऊर्जा के भविष्य को लेकर सीधे संवाद किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन और धन्यवाद ज्ञापन IIM जमशेदपुर चैप्टर के सचिव डॉ. गोपी किशोर मंडल द्वारा किया गया। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में डॉ. चिरदीप घोष और डॉ. ललित मीणा के बहुमूल्य सहयोग के लिए विशेष आभार व्यक्त किया।




