जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर के सीतारामडेरा थाना क्षेत्र में हुए एक जानलेवा हमले का मामला अब पूरी तरह से तूल पकड़ चुका है। 31 मार्च 2026 को हुए इस हिंसक हमले में गंभीर रूप से घायल युवक सन्नी पुष्टि ने गुरुवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। सन्नी की मौत की खबर फैलते ही इलाके में मातम और भारी आक्रोश छा गया। न्याय की गुहार लगाते हुए मृतक के परिजन और भारी संख्या में बस्तीवासी शव को लेकर सीधे पूर्वी सिंहभूम जिला उपायुक्त (DC) कार्यालय पहुंच गए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
31 मार्च को हुआ था जानलेवा हमला, TMH में चल रहा था इलाज
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सीतारामडेरा थाना क्षेत्र में 31 मार्च 2026 को कुछ असामाजिक तत्वों ने सन्नी पुष्टि पर जानलेवा हमला कर दिया था। इस हमले में सन्नी बुरी तरह से घायल हो गया था। आनन-फानन में उसे जमशेदपुर के टाटा मुख्य अस्पताल (TMH) में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी जान बचाने के प्रयास में जुटी थी। लेकिन गुरुवार को जिंदगी और मौत की इस जंग में सन्नी हार गया और उसने अंतिम सांस ली। युवक की मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में तनाव का माहौल है।
शव लेकर डीसी ऑफिस पहुंचे परिजन, मुआवजे और न्याय की मांग
सन्नी की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। वे शव को लेकर सीधे पूर्वी सिंहभूम जिला उपायुक्त कार्यालय पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने शव को डीसी कार्यालय के बरामदे में रख दिया और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन कर रहे परिजनों की मुख्य मांग है कि पीड़ित परिवार को उचित सरकारी मुआवजा दिया जाए और फरार चल रहे सभी नामजद आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। स्थानीय लोगों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी काफी नाराजगी देखी गई। हालांकि, जिस वक्त यह प्रदर्शन हो रहा था, उस समय उपायुक्त अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे।
थाना प्रभारी आनंद मिश्रा ने कराया शांत, 4 आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल
उपायुक्त कार्यालय में सीतारामडेरा थाना प्रभारी आनंद मिश्रा तुरंत भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने काफी मशक्कत के बाद आक्रोशित परिजनों और बस्ती वालों को समझा-बुझाकर शांत कराया। थाना प्रभारी आनंद मिश्रा ने बताया कि इस जानलेवा हमले की घटना को अंजाम देने वाले चार मुख्य आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत (जेल) भेज चुकी है।
फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस की ताबड़तोड़ छापेमारी
थाना प्रभारी ने पीड़ित परिवार को यह सख्त आश्वासन दिया है कि प्राथमिकी (FIR) में दर्ज अन्य नामजद आरोपी, जो अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, उन्हें किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं। पुलिस के इस ठोस आश्वासन और मुआवजे की दिशा में आगे की उचित कानूनी कार्रवाई के भरोसे के बाद अंततः परिजन शांत हुए और शव को लेकर कार्यालय परिसर से बाहर निकले। इस पूरी घटना के बाद क्षेत्र में एहतियातन पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है।




