
जमशेदपुर: औद्योगिक नगरी जमशेदपुर में समाजसेवा और पारिवारिक संस्कारों की एक बेहद अनुकरणीय मिसाल देखने को मिल रही है। शहर के प्रसिद्ध समाजसेवी रहे स्व. के.के. सिंह की जयंती पर उनके पुत्र हर साल पिता की याद को जीवंत रखने के लिए महादान का आयोजन कराते हैं। इसी कड़ी में रविवार (28 जून) को साकची स्थित रेड क्रॉस भवन में ‘के.के. एजुकेशनल फाउंडेशन ट्रस्ट’ के संयोजन में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया है।

पिता के सेवाभाव को समर्पित है यह महादान
आयोजकों का मानना है कि स्व. के.के. सिंह ने अपना पूरा जीवन समाज को सर्वोपरि रखने और हर जरूरतमंद के सुख-दुख का साथी बनने में लगा दिया था। ऐसे में उनके दुनिया से जाने के बाद, किसी अनजान मरीज की रगों में नया जीवन बनकर दौड़ने वाला रक्त ही एक पिता के प्रति बेटों की सबसे सच्ची और भावभीनी श्रद्धांजलि है।
सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक अनवरत चलेगा शिविर
भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी (पूर्वी सिंहभूम) के तत्वावधान में होने वाले इस शिविर की सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। साकची स्थित मुख्य रेड क्रॉस भवन में रविवार सुबह 9:00 बजे से रक्त संग्रह शुरू हो जाएगा, जो शाम 4:00 बजे तक चलेगा। शहर के गणमान्य नागरिक इस शिविर के उद्घाटन समारोह में शामिल होकर रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाएंगे।
हर एक यूनिट रक्त बचा सकता है किसी का सुहाग और मुस्कान
बदलते मौसम के बीच जमशेदपुर के विभिन्न अस्पतालों में थैलेसीमिया (Thalassemia) पीड़ित बच्चों, गंभीर रूप से घायलों और प्रसूता महिलाओं के लिए रक्त की भारी मांग बनी हुई है। ब्लड बैंकों में अक्सर ‘नेगेटिव’ और दुर्लभ ब्लड ग्रुप्स की किल्लत हो जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट ने इस बार बड़ी संख्या में रक्त संग्रह का लक्ष्य रखा है।
READ MORE :JAMSHEDPUR NEWS: समाहरणालय से साकची तक बनी ऐतिहासिक मानव श्रृंखला, उपायुक्त ने हरी झंडी दिखाकर युवाओं को दिलाई ‘नशा मुक्ति’ की कसम
युवाओं से भावुक अपील: ‘कल सुबह का वक्त समाज के नाम करें’
रेड क्रॉस सोसाइटी (पूर्वी सिंहभूम) के मानद सचिव बिजय कुमार सिंह तथा शिविर के संयोजक एवं उपाध्यक्ष विकास सिंह ने जमशेदपुर के युवाओं, नियमित रक्तदाताओं और मातृशक्ति से इस शिविर में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने कहा— “पिता के सम्मान में सजाया गया यह शिविर मानवता की सेवा का सबसे बड़ा मंच है। कल सुबह रेड क्रॉस भवन पहुंचकर महादान करें और एक पुण्य कार्य के साक्षी बनें।”


