
जमशेदपुर। बिष्टुपुर स्थित तुलसी भवन में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) का 62वां स्थापना दिवस समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। समारोह में विहिप केंद्रीय मंत्री एवं विशेष संपर्क प्रमुख अंबरीष, झारखंड प्रांत अध्यक्ष चंद्रकांत रायपत, भारत सेवाश्रम संघ के संत, विभाग मंत्री अरुण सिंह सहित संगठन के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
1964 में हिंदू समाज की चुनौतियों के बीच हुई थी स्थापना
समारोह को संबोधित करते हुए विहिप केंद्रीय मंत्री अंबरीष ने कहा कि विश्व हिंदू परिषद की स्थापना वर्ष 1964 में साधु-संत समाज के आह्वान पर हिंदू समाज की चुनौतियों को देखते हुए की गई थी। उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य हिंदू समाज को संगठित करना और हिंदू धर्म के मूल्यों एवं परंपराओं के संरक्षण के लिए काम करना रहा है।
उन्होंने कहा कि सदियों से भारत की हिंदू शक्ति ने दुनिया के सामने अपनी पहचान बनाई है और आज भी विश्व के अलग-अलग हिस्सों में हिंदू समाज अपनी क्षमता और प्रभाव का परिचय दे रहा है।
जातियों में बंटने के बजाय हिंदू समाज में समरसता पर जोर
अंबरीष ने हिंदू समाज में जातिगत विभाजन को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि समाज को जातियों में बांटने के बजाय एकजुटता और सामाजिक समरसता को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज की एकता और आपसी सहयोग को मजबूत करना संगठन और समाज की जिम्मेदारी है।
घटती जन्मदर को लेकर जताई चिंता
उन्होंने हिंदू समाज में घटती जन्मदर का मुद्दा भी उठाया। अंबरीष ने कहा कि शादी देर से करने और कम बच्चे पैदा करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे हिंदू समाज की घटती जन्मदर चिंता का विषय बन रही है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में बदलाव के लिए समाज की सोच और मानसिकता में सकारात्मक परिवर्तन आवश्यक है।
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धर्मग्रंथों को नई पीढ़ी से जोड़ने की अपील
विहिप नेता ने धर्मग्रंथों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि हिंदू परिवारों को अपनी आने वाली पीढ़ी को धर्मग्रंथों के अध्ययन और उनके मूल्यों से जोड़ना चाहिए। उन्होंने विभाजन के बाद पाकिस्तान में बचे हिंदू समाज का उदाहरण देते हुए कहा कि धर्म और संस्कृति से जुड़ाव ने समुदाय को अपनी पहचान बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सैकड़ों महिला-पुरुष कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्रांत संगठन मंत्री चितरंजन, बजरंग दल के सह संयोजक जनार्दन पांडेय, गौ रक्षण एवं संवर्धन परिषद प्रमुख सुजीत साहू, धर्माचार्य संपर्क प्रमुख अवतार सिंह गांधी, बजरंग दल संयोजक मुन्ना दुबे, जिला मंत्री चंद्रिका भगत, सहमंत्री उत्तम कुमार दास, भोला लोहार, सेवा प्रमुख जीतेंद्र प्रमाणिक, दुर्गावाहिनी संयोजिका मनु और मातृशक्ति की एम. भवानी समेत विभिन्न प्रखंडों के दायित्ववान सदस्य उपस्थित रहे। समारोह में बड़ी संख्या में महिला और पुरुष कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।


