जमशेदपुर। टिनप्लेट यूनियन महिला महाविद्यालय में छात्राओं की वैज्ञानिक सोच, रचनात्मकता और नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। टिनप्लेट यूनियन एजुकेशनल ट्रस्ट एवं टाटा टिनप्लेट वर्कर्स यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस प्रदर्शनी में छात्राओं ने विभिन्न वैज्ञानिक मॉडल और प्रोजेक्ट प्रस्तुत किए।
छात्राओं ने अपने मॉडल की कार्यप्रणाली और उपयोगिता की जानकारी अतिथियों को दी। उन्होंने वैज्ञानिक अवधारणाओं को व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत करते हुए अपनी रचनात्मक क्षमता और विषय की समझ का प्रदर्शन किया।
निर्णायक मंडल ने मॉडलों का किया मूल्यांकन
प्रदर्शनी में को-ऑपरेटिव कॉलेज के भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रकाश सरकार और रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष राजेश कुमार निर्णायक मंडल के सदस्य के रूप में शामिल हुए। उन्होंने छात्राओं के मॉडलों का वैज्ञानिक समझ, रचनात्मकता और प्रस्तुति के आधार पर मूल्यांकन किया। इसके बाद प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान के लिए प्रतिभागियों का चयन किया गया। अन्य छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए सांत्वना पुरस्कार भी दिए गए।
अतिथियों ने किया उद्घाटन
कार्यक्रम का उद्घाटन टाटा टिनप्लेट वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय, टाटा मेन हॉस्पिटल (टिनप्लेट डिवीजन) के प्रमुख कीर्ति भूषण, महाविद्यालय के सचिव परविंदर सिंह सोहल, यूनियन के महासचिव मनोज कुमार सिंह, उपाध्यक्ष साई बाबू राजू और महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. ममता स्वैन ने संयुक्त रूप से किया।
आयोजकों ने बताया कि चयनित विजेता छात्राओं को आने वाले दिनों में मोमेंटो और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
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शिक्षिकाओं के योगदान की सराहना
प्रदर्शनी के सफल आयोजन में महाविद्यालय के विज्ञान संकाय की शिक्षिकाओं का विशेष योगदान रहा। इनमें आभा सिंह, सुमिती मालाकार और निवेदिता कुमारी सहित अन्य शिक्षिकाओं ने आयोजन की तैयारी और समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर महाविद्यालय प्रबंधन के सदस्य संजय कुमार सिंह, संग्राम किशोर दास, विनय कुमार सिंह, अमृत कुमार झा, निरंजन महापात्र और नवजोत सिंह सोहल सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं, यूनियन एवं ट्रस्ट के पदाधिकारी तथा अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।
प्रदर्शनी का उद्देश्य छात्राओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार, आत्मविश्वास और व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देना था, ताकि वे भविष्य में शिक्षा और विज्ञान के क्षेत्र में बेहतर उपलब्धियां हासिल कर सकें।


