
जमशेदपुर: शहर में हाल के दिनों में सामने आई आपराधिक घटनाओं और बाजारों में प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के उपाध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल ‘गोल्डी’ ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता अपराधियों पर कार्रवाई और आम नागरिकों की सुरक्षा होनी चाहिए, न कि व्यापारियों और ग्राहकों के खिलाफ अनावश्यक सख्ती।
अभिषेक अग्रवाल ने गोलमुरी केनरा बैंक में दिनदहाड़े हुई डकैती, गोलमुरी में ज्वेलरी दुकान में चोरी, मरीन ड्राइव में ट्रेलर से कार की टक्कर में चार युवाओं की मौत और बिंदल मॉल स्थित रेस्टोरेंट में फायरिंग की घटना का उल्लेख करते हुए शहर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग की।
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पुलिस पेट्रोलिंग की प्रभावशीलता पर उठाया सवाल
उन्होंने कहा कि इन घटनाओं को केवल अलग-अलग घटनाओं के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, जिन इलाकों में घटनाएं हुई हैं, वहां पुलिस पेट्रोलिंग और चेकिंग व्यवस्था भी रहती है। इसके बावजूद यदि इस तरह की घटनाएं होती हैं तो संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा और पेट्रोलिंग की प्रभावशीलता की समीक्षा जरूरी है।
उन्होंने कहा कि अपराधियों में कानून का भय होना चाहिए। वहीं व्यापारी और ग्राहक पुलिस की मौजूदगी को सुरक्षा के रूप में महसूस करें, यह भी जरूरी है।
बिष्टुपुर में कार्रवाई को लेकर स्पष्ट नियम की मांग
अभिषेक अग्रवाल ने शनिवार रात बिष्टुपुर में बाजार और दुकानों में खरीदारी कर रहे ग्राहकों तथा व्यापारियों के साथ कथित तौर पर लाठी चलाए जाने की शिकायतों पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि यदि जिला प्रशासन ने बाजारों और दुकानों के खुलने-बंद होने को लेकर कोई समय निर्धारित किया है तो इसकी लिखित अधिसूचना सार्वजनिक की जानी चाहिए। व्यापारियों को स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि नियम क्या है, किन क्षेत्रों में लागू है और उसका पालन किस तरीके से करना है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि दुकानों के संचालन को लेकर कोई निर्धारित समय है तो प्रशासन को उसे सार्वजनिक करने में परेशानी नहीं होनी चाहिए। उनके अनुसार, नियम स्पष्ट होने से व्यापारी भी उनका पालन कर सकेंगे और प्रशासन को कार्रवाई के दौरान भ्रम की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।
छोटे दुकानदारों पर कार्रवाई को लेकर भी जताई चिंता
उन्होंने कहा कि नियमों का पालन कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन कार्रवाई कानूनसम्मत, संयमित और सम्मानजनक होनी चाहिए। उन्होंने ठेला-खोमचा लगाने वाले छोटे दुकानदारों का जिक्र करते हुए कहा कि नियम का उल्लंघन होने पर नियमानुसार कार्रवाई हो, लेकिन किसी छोटे कारोबारी को अपराधी की तरह नहीं देखा जाना चाहिए।
बिष्टुपुर की घटना का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि बाजार में खरीदारी करने आए परिवार, दुकानदार और कर्मचारी पुलिस से सुरक्षा और सहयोग की अपेक्षा रखते हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के दौरान आम नागरिकों के सम्मान और सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
दुर्गापूजा से पहले सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग
अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि आने वाले दिनों में दुर्गापूजा, दीपावली और छठ जैसे बड़े त्योहार हैं। इस दौरान शहर के बाजारों में भीड़ और व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी। ऐसे में बाजार क्षेत्रों में प्रभावी पुलिस पेट्रोलिंग, CCTV निगरानी, यातायात प्रबंधन और पार्किंग व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
उन्होंने प्रशासन से व्यापारिक संगठनों के साथ बैठक कर त्योहारी सीजन के लिए पहले से स्पष्ट और व्यावहारिक व्यवस्था तैयार करने का आग्रह किया, ताकि व्यापारी निर्भय होकर कारोबार कर सकें और ग्राहक सुरक्षित वातावरण में खरीदारी कर सकें।
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व्यापारियों को सुरक्षा चाहिए, लाठी नहीं’
अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी कानून का पालन करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें स्पष्ट नियम, लिखित आदेश और सम्मानजनक व्यवहार भी मिलना चाहिए। उनके अनुसार, प्रशासन और व्यापारिक समुदाय के बीच टकराव की जगह संवाद और सहयोग की जरूरत है।
उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से हाल की आपराधिक घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने, संवेदनशील व्यावसायिक क्षेत्रों में प्रभावी पेट्रोलिंग बढ़ाने और आगामी त्योहारी सीजन के लिए विशेष सुरक्षा एवं यातायात योजना तैयार करने की मांग की।
उन्होंने कहा, “जमशेदपुर के व्यापारियों को पुलिस की लाठी नहीं, पुलिस की सुरक्षा चाहिए; ग्राहकों को डर नहीं, सुरक्षित बाजार चाहिए और अपराधियों को यह संदेश मिलना चाहिए कि कानून व्यवस्था उनके विरुद्ध सख्ती से खड़ी है।”

