
जमशेदपुर ।

टाटानगर स्थित इलेक्ट्रिक लोको पायलट प्रशिक्षण केंद्र में रेल सिविल डिफेंस टीम द्वारा एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य लोको पायलटों को आपातकालीन परिस्थितियों में आपदा राहत कार्यों, नैतिक कर्तव्यों, यात्रियों के साथ मृदु आचरण और कार्य में पूरी ईमानदारी बरतने के प्रति जागरूक करना था। चूँकि लोको पायलट ट्रेन परिचालन में सबसे अहम होते हैं और किसी भी दुर्घटना के समय वे ही प्रथम रिस्पांडर (First Responder) की भूमिका में होते हैं, इसलिए उन्हें घायलों को प्राथमिक उपचार देने और सुरक्षित ट्रांसपोर्ट करने की विस्तृत ट्रेनिंग दी गई।
बिना उपकरण के घायलों को ट्रांसपोर्ट करने की तकनीक
प्रशिक्षण केंद्र के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से हुई। इसमें विस्तार से बताया गया कि किसी भीषण दुर्घटनास्थल पर यदि स्ट्रेचर या अन्य मेडिकल उपकरणों की अनुपलब्धता हो, तो ऐसी स्थिति में कैसे देसी जुगाड़ (इंप्रोवाइज्ड स्ट्रक्चर) से काम लिया जाए।
सिविल डिफेंस टीम ने लोको पायलटों को ब्लैंकेट लिफ्ट, मानव बैसाखी, फायरमैन लिफ्ट, बो लाइन ड्रैग, टो ड्रैग और ब्लैंकेट ड्रैग जैसी जीवन रक्षक तकनीकों की जानकारी दी। इसके साथ ही, दो, तीन और चार हाथों से सीट बनाकर गंभीर रूप से घायलों को सुरक्षित एंबुलेंस तक पहुंचाने की विधि का लाइव मॉक ड्रिल भी कराया गया, ताकि जरूरत पड़ने पर वे इसका सही इस्तेमाल कर सकें।
ईमानदारी और नैतिकता है प्रथम रिस्पांडर का सबसे बड़ा कर्तव्य
शिविर को गहराई से संबोधित करते हुए सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने प्राथमिक उपचार (First Aid) के महत्व को समझाया। उन्होंने एक प्रसिद्ध कहावत का जिक्र करते हुए कहा कि ‘वक्त पर दिया गया एक टांका, बेवक्त के सौ टांकों से बढ़कर होता है।’
उन्होंने आपदा के दौरान कर्मचारियों की नैतिकता और ईमानदारी पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अक्सर ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण सूचनाएं मिलती हैं कि दुर्घटनास्थल से घायल यात्रियों के कीमती सामान गायब हो जाते हैं, जो मानवता के खिलाफ है। एक सच्चे रेलकर्मी के रूप में, बिना उपकरणों के भी आपकी दक्षतापूर्ण प्रबंधन क्षमता और ईमानदारी कई बेशकीमती जानें बचा सकती है।
READ MORE :JAMSHEDPUR NEWS: मतदाता सूची SIR-2026 मैपिंग के लिए जिला प्रशासन की बड़ी मुहिम, जागरूकता रथ रवाना
दक्षिण पूर्व रेलवे के 257 लोको पायलटों ने लिया भाग
इस अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम में दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) के चारों मंडलों—रांची, आद्रा, खड़गपुर और चक्रधरपुर के साथ-साथ डोंगवापोशी, राउरकेला, झारसुगुड़ा और बोकारो से आए कुल 257 लोको पायलटों ने अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के अंतिम चरण में, प्रशिक्षण केंद्र के प्रांगण में प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) प्रशिक्षण और डेमो का शानदार प्रदर्शन डिमॉन्स्ट्रेटर शंकर कुमार प्रसाद द्वारा किया गया, जिससे सभी लोको पायलटों ने विपरीत परिस्थितियों में काम करने की बारीकियां सीखीं।



