
जमशेदपुर.


पवित्र सावन मास के शुभ अवसर पर जमशेदपुर के कदमा (रामनगर) क्षेत्र में आध्यात्मिक और भक्तिमय माहौल बनने जा रहा है. प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की कदमा शाखा की ओर से 31 जुलाई से 4 अगस्त 2026 तक पांच दिवसीय ‘द्वादश ज्योतिर्लिंग आध्यात्मिक प्रदर्शनी मेले’ का भव्य आयोजन किया जा रहा है. यह आयोजन रामनगर मेन रोड स्थित सामुदायिक विकास भवन (काली मंदिर के पीछे) में संपन्न होगा.
समाज निर्माण और आत्मिक शांति का संदेश
आयोजकों के अनुसार इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को भगवान शिव के दिव्य स्वरूप और द्वादश ज्योतिर्लिंगों के आध्यात्मिक रहस्य से अवगत कराना है. इसके साथ ही राजयोग और भारतीय आध्यात्मिक संस्कृति के माध्यम से समाज में आत्मिक शांति और नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना करना है. साथ ही, नशामुक्त, तनावमुक्त और संस्कारवान समाज का निर्माण करना है.
शोभायात्रा और भव्य उद्घाटन: 31 जुलाई से शुरुआत
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ 31 जुलाई (शुक्रवार) को सायं 5:00 बजे भव्य उद्घाटन समारोह के साथ होगा.
कलश यात्रा और झांकी:
उद्घाटन से पूर्व सायं 4:00 बजे ब्रह्माकुमारी कदमा शाखा से एक विशाल कलश यात्रा और शिव-पार्वती की मनोहारी झांकी निकाली जाएगी.
मार्ग: यह शोभायात्रा मुख्य मार्गों से गुजरते हुए आयोजन स्थल तक पहुंचेगी. इसमें बड़ी संख्या में माताएं, बहनें और श्रद्धालु पारंपरिक परिधानों में कलश धारण कर शिव महिमा का संदेश देंगे.
प्रतिदिन आयोजित होने वाले प्रमुख कार्यक्रम और समय
मेले के दौरान श्रद्धालुओं के लिए प्रतिदिन विभिन्न आध्यात्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी.
daily आकर्षण:
प्रातः एवं सायंकाल महा आरती
आध्यात्मिक ज्ञान एवं राजयोग शिविर
द्वादश ज्योतिर्लिंग आध्यात्मिक प्रदर्शनी
सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, भजन संध्या और शिवतांडव नृत्य
प्रेरणादायी नृत्य-नाटिकाएं एवं आध्यात्मिक प्रवचन
प्रदर्शनी का समय:
प्रथम सत्र: प्रातः 8:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक
द्वितीय सत्र: अपराह्न 3:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक
विशिष्ट नागरिकों और समाजसेवियों का होगा सम्मान
इस आयोजन की एक प्रमुख विशेषता यह रहेगी कि मेले के दौरान प्रतिदिन समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रबुद्ध नागरिकों का अभिनंदन किया जाएगा. इसमें शिक्षा, चिकित्सा, प्रशासन, उद्योग, सामाजिक सेवा और संस्कृति क्षेत्र से जुड़े विशिष्ट हस्तियों को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा.
3 अगस्त का विशेष आकर्षण: बर्फ का शिवलिंग और स्वर्णिम झांकी
महोत्सव में 3 अगस्त का दिन श्रद्धालुओं के लिए बेहद खास रहेगा. इस दिन विशेष रूप से
अमरनाथ की तर्ज पर निर्मित बर्फ के शिवलिंग के श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे.
सतयुग की स्वर्णिम झांकी: स्वर्णिम संसार की मनमोहक झांकी.
विशेष प्रस्तुतियां: भव्य भजन संध्या, आध्यात्मिक नृत्य-नाटिका और शिव महिमा पर आधारित विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम.
बी.के. संजू बहन का क्षेत्रवासियों से आह्वान
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की कदमा शाखा की प्रभारी बी.के. संजू बहन ने सभी क्षेत्रवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे परिवार सहित इस आध्यात्मिक महोत्सव में भाग लें. उन्होंने कहा कि राजयोग के माध्यम से जीवन में शांति, शक्ति और आनंद प्राप्त करने तथा शिव सान्निध्य का अनुभव करने का यह एक अनुपम अवसर है.


