
जमशेदपुर ।

कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति और ‘जमशेदपुर स्कूली वाहन सेवा संचालक समिति’ के अध्यक्ष हिमांशु की निर्मम हत्या के खिलाफ लोगों का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। इस जघन्य हत्याकांड के विरोध में समिति ने एक बड़ा और कड़ा फैसला लिया है। समिति की ओर से आधिकारिक तौर पर यह घोषणा की गई है कि कल 3 जूलाई शहर के सभी स्कूल वाहन अपनी सेवाएं पूरी तरह से ठप रखेंगे। यह हड़ताल प्रशासन की विफलता और अपराधियों के बढ़ते हौसलों के खिलाफ एक मुखर विरोध है।
कल सड़कों पर नहीं दिखेंगे स्कूल वैन, बस और ऑटो
इस हड़ताल का सीधा और व्यापक असर कल जमशेदपुर की शिक्षा और परिवहन व्यवस्था पर देखने को मिलेगा। शहर के अधिकांश स्कूलों में बच्चों को उनके घर से स्कूल तक लाने और ले जाने वाले वाहन—जैसे स्कूल वैन, निजी बसें और ऑटो रिक्शा—पूरी तरह से बंद रहेंगे। स्कूली वाहन सेवा संचालक समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि कल कोई भी वाहन चालक अपनी गाड़ी नहीं निकालेगा। अचानक हुई इस घोषणा के बाद अब कल अभिभावकों को अपने बच्चों को स्कूल छोड़ने और वापस लाने के लिए स्वयं वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी, जिससे सुबह के समय सड़कों पर यातायात का दबाव भी बढ़ने की संभावना है।
शोक संतप्त परिवार के साथ एकजुटता से खड़ा है संघ
समिति से जुड़े शहर के सभी वाहन संचालकों ने अपने अध्यक्ष की हत्या पर गहरा शोक और आक्रोश व्यक्त किया है। संचालकों का कहना है कि हिमांशु की हत्या ने पूरे परिवहन संघ और उनके परिवारों को झकझोर कर रख दिया है। अपनी एकजुटता और संवेदना का परिचय देते हुए सभी स्कूल वाहन संचालकों ने यह साफ कर दिया है कि वे इस कठिन और दुखद घड़ी में मृतक के शोक संतप्त परिवार के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं। उनकी एकमात्र मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द फरार अपराधियों को गिरफ्तार कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाए।
शहर की बंदी का असर होगा और भी व्यापक
शहर में पहले से ही हिमांशु हत्याकांड को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों द्वारा बंद का आह्वान किया जा चुका है। अब इस आंदोलन में स्कूली वाहन संचालकों के भी सक्रिय रूप से जुड़ जाने के कारण कल शहर में बंदी का असर काफी व्यापक होने की उम्मीद है। विभिन्न वर्गों द्वारा लगातार किए जा रहे इस विरोध प्रदर्शन ने पुलिस और जिला प्रशासन पर अपराधियों पर नकेल कसने का भारी दबाव बना दिया है।


