
जमशेदपुर/आदित्यपुर: लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों (MSME) को वित्तीय और बैंकिंग स्तर पर आ रही दिक्कतों को दूर करने की दिशा में शुक्रवार को एक अहम उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर के सभागार में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की क्षेत्रीय निदेशक श्रीमती रक्षा मिश्रा और एजीएम श्री अरविन्द एक्का की विशेष उपस्थिति में एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। इस बैठक में एसिया (ASIA) और लघु उद्योग भारती के प्रमुख प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और उद्यमियों के सामने आ रही व्यावहारिक समस्याओं को आरबीआई अधिकारियों के समक्ष रखा।


आदित्यपुर ऑटो क्लस्टर सभागार में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की क्षेत्रीय निदेशक श्रीमती रक्षा मिश्रा और AGM श्री अरविन्द एक्का की उपस्थिति में महत्वपूर्ण बैठक संपन्न।
एसिया (ASIA) और लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधियों ने एमएसएमई क्षेत्र की व्यावहारिक समस्याओं और बैंकिंग मुद्दों को प्रमुखता से रखा।
बैठक में CLCSS योजना को पुनः शुरू करने, प्री-क्लोजर चार्ज, बैंकिंग शुल्कों में एकरूपता और लोन गारंटर के एनओसी (NOC) जैसे अहम मुद्दों पर हुई चर्चा।
आरबीआई की क्षेत्रीय निदेशक ने ऑटो क्लस्टर की आधुनिक प्रयोगशाला और सुविधाओं का जायजा लिया तथा हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया।
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बैठक में इन 6 प्रमुख मुद्दों पर हुई विशेष चर्चा
उद्यमियों और बैंक प्रतिनिधियों के बीच हुई इस बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर विचार-विमर्श किया गया:
CLCSS पुनः प्रारंभ करने की मांग: तकनीकी उन्नयन और आधुनिकीकरण को बढ़ावा देने के लिए क्रेडिट लिंक्ड कैपिटल सब्सिडी स्कीम (CLCSS) को फिर से शुरू करने की जोरदार मांग उठाई गई।
प्री-क्लोजर चार्ज: ऋण के समयपूर्व भुगतान पर बैंकों द्वारा लगाए जा रहे प्री-क्लोजर चार्ज का मुद्दा उठाया गया। इस पर क्षेत्रीय निदेशक ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए नियमों की समीक्षा और आवश्यक दिशा-निर्देश देने का भरोसा दिया।
बैंकिंग शुल्क में एकरूपता: प्रोसेसिंग चार्ज, इंस्पेक्शन चार्ज और इंश्योरेंस संबंधी शुल्कों में अलग-अलग बैंकों की नीतियों में पारदर्शिता और एकरूपता लाने की मांग की गई।
कैश क्रेडिट लिमिट नवीनीकरण: यदि सीसी (CC) खाते में कोई गंभीर अनियमितता नहीं है, तो हर साल नवीनीकरण के नाम पर लगने वाले शुल्क की व्यवस्था की समीक्षा पर जोर दिया गया।
विदेशी मुद्रा (Forex) लेन-देन: फॉरेक्स ट्रांजैक्शन के दौरान खरीद-बिक्री की दरों और शुल्कों की जानकारी पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने की मांग की गई ताकि उद्यमियों को वास्तविक लागत का पता चल सके।
गारंटर को एनओसी (NOC): ऋण खाते में गारंटर द्वारा निर्धारित जिम्मेदारी पूरी करने के बाद भी एनओसी न मिलने का मुद्दा उठा। तय सीमा के भीतर गारंटर को एनओसी देकर दायित्व मुक्त करने की व्यवस्था पर विचार करने का आश्वासन दिया गया।
ऑटो क्लस्टर की आधुनिक सुविधाओं का निरीक्षण
बैठक के पश्चात आरबीआई की क्षेत्रीय निदेशक श्रीमती रक्षा मिश्रा ने ऑटो क्लस्टर परिसर का दौरा किया।
उन्होंने लेबोरेटरी, टूल रूम और क्लाउड क्लासरूम समेत अन्य आधुनिक सुविधाओं का बारीकी से अवलोकन किया।
उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र को दी जा रही इन सेवाओं और उनके संचालन की सराहना की तथा एमएसएमई इकाइयों को इन आधुनिक सुविधाओं से अधिक से अधिक जोड़ने पर बल दिया।
बैठक में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति: इस अवसर पर ऑटो क्लस्टर के एमडी श्री एस.एन. ठाकुर, एसिया अध्यक्ष श्री इंदर अग्रवाल, महासचिव श्री प्रवीण गुटगुटिया, उपाध्यक्ष संतोख सिंह, सचिव अशोक गुप्ता, तापस साहू, मनोज गुटगुटिया, अनिल गुप्ता, दशरथ उपाध्याय, विश्वनाथ हाजरा, सपन मजूमदार, आशीष अग्रवाल, सुबोध सिंह और पवन देबूका सहित कई प्रमुख औद्योगिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




