
आदित्यपुर/सरायकेला: विकास के दावों के बीच आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र के एक बड़े हिस्से के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। आदित्यपुर के कुलूपटांगा, रोड नंबर-19 के निवासी इन दिनों बेहद जिल्लत भरी और नारकीय जिंदगी जीने को मजबूर हैं। हल्की बारिश में ही पूरा रास्ता कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाता है, जबकि चोक पड़ी नालियों का गंदा पानी सीधे सड़कों पर बहता रहता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जिंदल कंपनी द्वारा सड़क तोड़ने के बाद से इसका पुनर्निर्माण नहीं किया गया है। इसी गंभीर समस्या को लेकर बस्तीवासियों का एक प्रतिनिधिमंडल पहले महापौर से मिला और अंततः न्याय की गुहार लगाने सरायकेला डीसी के पास पहुँचा।


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महापौर के अजीब बयान से भड़के बस्तीवासी
समस्या के समाधान की उम्मीद लेकर बस्ती के लोग जब आदित्यपुर नगर निगम के प्रशासक और महापौर श्री संजय सरदार के पास पहुंचे, तो उन्हें निराशा हाथ लगी।
बस्तीवासियों ने पिछले 12 वर्षों के दौरान तीन पार्षदों के कार्यकाल में दिए गए ज्ञापनों और शिकायतों का पूरा इतिहास सामने रखा।
इस पर महापौर का जवाब चौंकाने वाला था। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि “आप लोग 12 साल रुके हैं, 1 साल और रुक कर 13 साल होने दीजिए, हम पूरी कोशिश करेंगे, कहीं से फंड लाकर बना दिया जाएगा।”
जनप्रतिनिधि के इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना आश्वासन से निराश होकर बस्ती के लोगों ने तय किया कि वे अपनी लड़ाई प्रशासनिक स्तर पर लड़ेंगे।
डीसी सतीश कुमार सिंह ने दिया त्वरित कार्रवाई का भरोसा
महापौर के आश्वासन से मायूस होकर 21 अगस्त 2026 को बस्ती का एक प्रतिनिधिमंडल सीधे सरायकेला समाहरणालय पहुँचा और उपायुक्त (DC) श्री सतीश कुमार सिंह से मुलाकात कर उन्हें अपनी पूरी पीड़ा से अवगत कराया।
डीसी का एक्शन: ज्ञापन पर त्वरित और सकारात्मक कार्रवाई करते हुए डीसी सतीश कुमार सिंह ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि वे इस मामले में नगर आयुक्त (Municipal Commissioner) को तत्काल आदेश दे रहे हैं।
डीसी ने कहा, “आप लोग निश्चिंत होकर जाइए, आपका सड़क और नाली का काम जल्द से जल्द शुरू होगा।” जिला मुखिया से मिले इस सकारात्मक आश्वासन के बाद बस्तीवासियों ने राहत की सांस ली और धन्यवाद देते हुए लौटे।
ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में श्री दीपक कुमार, श्री रामनाथ प्रसाद, श्री संजय ठाकुर, श्री विष्णुदेव गिरी और विवेक कुमार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय बस्तीवासी शामिल रहे।



