जमशेदपुर।
चक्क्रधरपुर रेल डिवीजन में रेल यात्रियों की लगातार बढ़ती परेशानियों और यात्री ट्रेनों की भारी लेटलतीफी को लेकर आक्रोश गहराता जा रहा है। इसी कड़ी में मंगलवार को रेल यात्री संघर्ष समिति के संयोजक शिवशंकर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष शिष्टमंडल एआरएम दफ्तर पहुंचा और चक्रधरपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। समिति ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर रेलवे की कार्यप्रणाली में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो पूरे क्षेत्र में एक वृहत जनआंदोलन खड़ा किया जाएगा।
मालगाड़ियों को प्राथमिकता देने पर उठे कड़े सवाल
समिति ने रेलवे प्रशासन की नीतियों पर सीधा प्रहार करते हुए ज्ञापन में कहा है कि जब रेलवे के पास मालगाड़ियों के सुचारू संचालन के लिए पर्याप्त आधारभूत संरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर) ही नहीं है, तो फिर इतनी बड़ी संख्या में मालगाड़ियों का संचालन कर यात्री ट्रेनों के मार्ग में बाधा क्यों उत्पन्न की जा रही है? यह गंभीर आरोप लगाया गया है कि बिना किसी ठोस कारण के यात्री ट्रेनों को आउटर या अन्य स्टेशनों पर रोककर मालगाड़ियों को लगातार प्राथमिकता दी जा रही है। इसका सीधा खामियाजा आम यात्रियों को भारी परेशानी उठाकर चुकाना पड़ रहा है। समिति ने पूछा कि आखिर किसके आदेश पर निर्धारित समय-सारणी वाली यात्री ट्रेनों को रोका जा रहा है, जबकि मालगाड़ियों की कोई तय समय-सारणी नहीं होती।
सांसद की शिकायत और रेल मंत्री के आदेश की अनदेखी
रेल यात्री संघर्ष समिति ने याद दिलाया कि बीते दिनों जमशेदपुर के स्थानीय सांसद ने भी इस गंभीर समस्या को लेकर सीधे रेल मंत्री को अवगत कराया था। शिकायत के बाद मंत्रालय स्तर से सुधार के स्पष्ट निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन चक्रधरपुर मंडल के अधिकारी इन उच्चस्तरीय आदेशों का भी पालन नहीं कर रहे हैं। ज्ञापन में रेल मंत्री के उस बयान का भी प्रमुखता से हवाला दिया गया है जिसमें उन्होंने ‘यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा’ को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया था। हालांकि, जमीनी स्तर पर इसका कोई भी सकारात्मक असर देखने को नहीं मिल रहा है।
7 अप्रैल के धरने के बाद भी नहीं सुधरे हालात
समिति ने कहा कि अखबारों और मीडिया में प्रतिदिन ट्रेनों के 1 घंटे से लेकर 6 घंटे तक लेट होने की खबरें प्रमुखता से प्रकाशित हो रही हैं, जो रेलवे की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। बीते 7 अप्रैल 2026 को टाटानगर रेलवे स्टेशन पर हजारों यात्रियों की भारी उपस्थिति में एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया गया था। रेलवे प्रशासन को चेताया गया था कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो जनआक्रोश और भड़केगा। इसके बावजूद आज तक हालात जस के तस बने हुए हैं। यात्री स्टेशन पर घंटों ट्रेनों का इंतजार करने को मजबूर हैं और रेल सेवाएं पूरी तरह से चरमरा चुकी हैं।
चलेगा वृहत हस्ताक्षर और जागरूकता अभियान
रेल यात्री संघर्ष समिति के संयोजक शिवशंकर सिंह ने कड़े शब्दों में कहा कि यदि जल्द ही ट्रेनों की इस अघोषित लेटलतीफी को दूर नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और भी तेज किया जाएगा। समिति बड़े स्तर पर एक ‘हस्ताक्षर अभियान’ चलाएगी, जिसमें हजारों यात्रियों को जोड़कर उनकी आवाज को और बुलंद किया जाएगा। इसके साथ ही, स्टेशन परिसर में नियमित जागरूकता अभियान चलाकर यात्रियों को इस पूरे मुद्दे और उनके अधिकारों से अवगत कराया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल रहे प्रमुख चेहरे
एआरएम को ज्ञापन सौंपने वाले इस प्रतिनिधिमंडल में समिति के संयोजक शिवशंकर सिंह के अलावा जद(यू) के महानगर अध्यक्ष अजय कुमार, सतीश सिंह, प्रदीप सिंह भोजपुरिया, मनोज ठाकुर, सन्नी परिहार, अमित मैती और सन्नी सिंह मुख्य रूप से शामिल थे।





