
जमशेदपुर |
पुतरू गांव में हुई एक नृशंस हत्या के बाद पूरे इलाके में आक्रोश और भय का माहौल है। पुतरू गांव एवं आसपास के ग्रामीणों ने शुक्रवार को उपायुक्त, जमशेदपुर और वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के नाम थाना प्रभारी, गालुडीह को एक ज्ञापन सौंपते हुए प्रशासनिक विफलता के गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यह हत्या केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि लचर कानून-व्यवस्था और अंचल कार्यालय की घोर लापरवाही का परिणाम है।

CSC सेंटर में दिनदहाड़े हत्या
ज्ञापन में बताया गया कि 12 जनवरी 2026 की शाम करीब 7:30 बजे पुतरू गांव निवासी तारापदो महतो की खड़िया कॉलोनी स्थित उनके CSC सेंटर में निर्मम हत्या कर दी गई। इस वारदात ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। घटना के बाद से ग्रामीणों में असुरक्षा, रोष और गहरी नाराजगी देखी जा रही है।
भूमि विवाद और अंचल कार्यालय पर गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक नियमों के अनुसार सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त रखना, अवैध कब्जों पर रोक लगाना और भूमि विवादों का समय रहते समाधान करना अंचल कार्यालय की जिम्मेदारी होती है। लेकिन संबंधित अधिकारियों की निष्क्रियता और कथित मिलीभगत के कारण जमीन कारोबारियों को संरक्षण मिला, अवैध कब्जे बढ़े और विवाद लगातार गहराते चले गए।
प्रशासनिक संरक्षण से हिंसा तक पहुंचा विवाद
ग्रामीणों का कहना है कि इसी प्रशासनिक उदासीनता और संरक्षण के कारण भूमि विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसका परिणाम तारापदो महतो की हत्या के रूप में सामने आया। यदि समय रहते सरकारी जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को रोका जाता और भूमि विवादों में निष्पक्ष व सख्त कार्रवाई की जाती, तो आज एक निर्दोष व्यक्ति की जान नहीं जाती।
प्रशासनिक तंत्र पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने कहा कि यह घटना प्रशासनिक तंत्र की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने अंचल कार्यालय के साथ-साथ कानून-व्यवस्था से जुड़े विभागों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, अब इस मामले को केवल एक अपराध मानकर नहीं, बल्कि प्रशासनिक विफलता के रूप में देखा जाना चाहिए।
17 जनवरी को राष्ट्रीय राजमार्ग जाम की चेतावनी
न्याय की मांग को लेकर ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने शीघ्र और ठोस कदम नहीं उठाए, तो 17 जनवरी 2026 को पुतरू टोल गेट के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि आंदोलन शांतिपूर्ण होगा, लेकिन न्याय से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
ग्रामीणों ने ज्ञापन में तीन मुख्य मांगें रखी हैं। पहली, मृतक तारापदो महतो के परिवार को तत्काल सुरक्षा प्रदान की जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। दूसरी, जिस भूमि विवाद के कारण हत्या हुई, उसका अविलंब और निष्पक्ष समाधान किया जाए। तीसरी, हत्या में शामिल दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रशासन से त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई की अपील
ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि इस गंभीर मामले में त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और आम लोगों का प्रशासन पर भरोसा बना रहे।


