JAMSHEDPUR.
जमशेदपुर। माननीय झारखंड उच्च न्यायालय, रांची द्वारा पारित न्यायादेश के अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला दण्डाधिकारी सह उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक W.P. (PIL) संख्या 2078/2018 (राकेश कुमार झा बनाम झारखंड राज्य) वाद में 14 जनवरी 2026 को पारित आदेश के आलोक में आहूत की गई।
वरीय अधिकारियों की मौजूदगी में हुई समीक्षा बैठक
बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय, अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम अर्नव मिश्रा, उप नगर आयुक्त जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र समिति (JNAC) सह अपर नगर आयुक्त मानगो नगर निगम कृष्ण कुमार, प्रभारी पदाधिकारी विधि शाखा चंद्रजीत सिंह सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
24 भवनों की मापी के लिए चार विशेष दल गठित
माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि नक्शा विचलन की जांच हेतु कुल 24 भवनों की मापी की जाएगी। इसके लिए चार सदस्यीय चार अलग-अलग विशेष दल गठित किए गए हैं।
इन दलों को निर्देश दिया गया है कि वे तीन दिनों के भीतर नक्शा विचलन से संबंधित मापी प्रतिवेदन तैयार कर उप नगर आयुक्त, जेएनएसी को समर्पित करें।
भवन स्वामियों को एक सप्ताह की मोहलत
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संबंधित भवन स्वामियों को एक सप्ताह के भीतर अपने भवनों में किए गए नक्शा विचलन वाले हिस्से को स्वयं तोड़ने अथवा खाली करने का अवसर दिया जाएगा।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह अंतिम मौका होगा।
कानून के तहत होगी सख्त कार्रवाई
निर्धारित समयावधि के बाद यदि भवन स्वामियों द्वारा स्वेच्छा से कार्रवाई नहीं की जाती है, तो झारखंड नगरपालिका अधिनियम, 2011 तथा बिल्डिंग बायलॉज एक्ट, 2016 की सुसंगत धाराओं के तहत नक्शा विचलन वाले हिस्सों को दण्डाधिकारी एवं पुलिस बल की उपस्थिति में ध्वस्त किया जाएगा।
न्यायालय के आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई पूरी पारदर्शिता और सख्ती के साथ की जाएगी।




