
जमशेदपुर: भारतीय डाक विभाग (सिंहभूम मंडल) द्वारा जमशेदपुर कोऑपरेटिव कॉलेज में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कॉलेज के शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों को डाक विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, सुरक्षित निवेश विकल्पों और अत्याधुनिक डिजिटल सेवाओं से रूबरू कराना था।

वरिष्ठ अधिकारियों और कॉलेज प्रबंधन की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस विशेष जागरूकता शिविर में मुख्य रूप से कोऑपरेटिव कॉलेज के प्राचार्य डॉ. कृष्णा प्यारे और डॉ. अंतरा कुमारी सहित भारी संख्या में शिक्षिकेतर व अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान डाक सहायक उमा शंकर प्रसाद और निशांत कुमार ने मुख्य वक्ता के रूप में डाक विभाग के डिजिटल बदलावों को सामने रखा। उन्होंने डाकघर के अत्याधुनिक प्रोडक्ट्स, आकर्षक बचत योजनाओं और कोर बैंकिंग व डिजिटल बैंकिंग सेवाओं की विस्तृत और व्यावहारिक जानकारी साझा की।
डाक जीवन बीमा (PLI) और बचत योजनाओं के प्रति आकर्षण
शिविर में मौजूद कर्मचारियों और शिक्षकों ने डाक जीवन बीमा (Postal Life Insurance – PLI) के प्रति सबसे अधिक रुचि दिखाई। कम प्रीमियम में अधिक बोनस और सुरक्षित भविष्य के लाभों को देखते हुए कई कर्मचारियों ने जल्द से जल्द पीएलआई से जुड़ने की सहमति जताई। इसके साथ ही, कर्मचारियों ने डाकघर की अन्य उच्च ब्याज वाली और सुरक्षित बचत योजनाओं (Savings Schemes) में निवेश करने की इच्छा व्यक्त की।
पासपोर्ट और नागरिक सेवाओं की मिली विस्तृत जानकारी
डिजिटल इंडिया के तहत डाकघरों में मिलने वाली आधुनिक नागरिक सेवाओं पर भी चर्चा की गई। कुछ कर्मचारियों ने डाकघर के माध्यम से पासपोर्ट बनवाने की सरल प्रक्रिया को समझा और इसके लिए आवेदन करने की इच्छा जताई। इसके अलावा डाकघर द्वारा दी जा रही अन्य डिजिटल और वित्तीय सेवाओं को भी कर्मचारियों ने सराहा।
कॉलेज परिसर में ‘विशेष आधार कैंप’ लगाने की मांग
कार्यक्रम में मौजूद लगभग सभी लोगों ने अपने आधार कार्ड को अपडेट कराने (Aadhaar Updation) में गहरी दिलचस्पी दिखाई। इस सफल आयोजन की सराहना करते हुए प्राचार्य डॉ. कृष्णा प्यारे ने डाक विभाग का आभार व्यक्त किया। उन्होंने भविष्य में भी इस तरह के ज्ञानवर्धक शिविरों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया। प्राचार्य ने डाक विभाग के अधिकारियों से विशेष रूप से कॉलेज परिसर में ही एक ‘विशेष आधार कैंप’ लगाने का आग्रह किया, ताकि कॉलेज के सभी कर्मचारी, शिक्षक और छात्र-छात्राएं बिना किसी परेशानी के अपने आधार से जुड़ी समस्याओं का समाधान पा सकें।



