
जमशेदपुर। रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार को और भी खास बनाने के लिए सिंहभूम मंडल के डाक विभाग ने एक अनोखी पहल की है। ‘राखी प्रतियोगिता’ के भव्य आयोजन को लेकर डाक विभाग की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक वरिष्ठ डाक अधीक्षक उदयभान सिंह की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में झारखंड परिमंडल के विपणन नोडल पदाधिकारी अमित कुमार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। बैठक में उप डाक अधीक्षक गुड़िया कुमारी समेत तीनों जिलों के सहायक डाक अधीक्षक, डाक निरीक्षक और रिलेशनशिप मैनेजर उपस्थित रहे।


300 स्कूलों को जोड़ने का लक्ष्य, सेना के जवानों को भेजी जाएगी राखी
बैठक में पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां जिले के करीब 300 स्कूलों को इस अभियान से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे व्यक्तिगत रूप से स्कूलों का दौरा कर हर बच्चे तक इसकी जानकारी पहुंचाएं। इस पहल की सबसे संवेदनशील और खूबसूरत बात यह है कि जिन बच्चियों के सगे भाई नहीं हैं, उन्हें देश की सीमाओं पर मुस्तैद भारतीय सेना के वीर जवानों को राखी भेजने के लिए प्रेरित किया जाएगा, जो दिन-रात हमारी सुरक्षा करते हैं।
विजेताओं पर होगी पुरस्कारों की बौछार, मिलेगा राज्य स्तरीय सम्मान
डाक विभाग ने बच्चों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए त्रि-स्तरीय (Three-tier) पुरस्कार योजना तैयार की है। स्कूल स्तर पर, 50 प्रतिभागियों वाले स्कूल से 5 और 100 से अधिक प्रतिभागियों वाले स्कूल से 10 सर्वश्रेष्ठ बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। वहीं, मंडल स्तर पर तीनों जिलों से चुने गए शीर्ष 10 प्रतियोगियों को विशेष रूप से पुरस्कृत किया जाएगा। इसके अलावा, पूरे झारखंड परिमंडल में सर्वश्रेष्ठ राखी बनाने वाले शीर्ष 10 बच्चों को चीफ पोस्टमास्टर जनरल (Chief PMG) द्वारा राज्य स्तरीय सम्मान से नवाजा जाएगा।
सोसायटियों में चलंत डाकघर और डोरस्टेप स्पीड पोस्ट की सुविधा
डाक विभाग का यह अभियान केवल स्कूलों तक सीमित नहीं रहेगा। प्राथमिक व प्ले स्कूलों के नन्हे-मुन्नों में संस्कार बोने के साथ-साथ डाक विभाग आवासीय सोसायटियों में भी अपनी सेवाएं देगा। बहनों की सुविधा के लिए सोसायटियों के अंदर ही स्पीड पोस्ट बुकिंग की व्यवस्था की जाएगी। त्योहार की भीड़भाड़ को देखते हुए शहर के प्रमुख और व्यस्त स्थानों पर ‘चलंत डाकघर’ (Mobile Post Offices) और विशेष बुकिंग कियॉस्क लगाए जाएंगे, ताकि हर बहन की राखी समय पर भाई तक पहुंच सके।


