
जमशेदपुर / चांडिल: श्रावण मास की पहली सोमवारी की पूर्व संध्या पर रविवार शाम चांडिल के ऐतिहासिक जयदा मंदिर परिसर में आस्था का एक अद्भुत और अलौकिक नजारा देखने को मिला। यहां पहली बार बनारस (Varanasi) के मशहूर घाटों की तर्ज पर भव्य ‘महा गंगा आरती’ का आयोजन किया गया। इस धार्मिक अनुष्ठान ने पूरे मंदिर परिसर को पूरी तरह से शिवमय और भक्तिमय बना दिया।


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वाराणसी के आचार्यों ने कराया विधि-विधान से अनुष्ठान
इस भव्य महा गंगा आरती का आयोजन श्याम सेवा समिति, चांडिल के तत्वावधान में किया गया। इसके लिए विशेष रूप से वाराणसी से आचार्यों को आमंत्रित किया गया था, जिन्होंने पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आरती संपन्न कराई।
करीब 45 मिनट तक चली इस महा गंगा आरती के दौरान जयदा मंदिर परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। शंख की ध्वनि, डमरू के निनाद और भव्य आरती के मनोरम दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु वहां पहुंचे थे। उपस्थित श्रद्धालुओं ने मां गंगा की आरती में शामिल होकर क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की।
मां गंगा के प्रति गहरी श्रद्धा का प्रतीक
आयोजकों ने बताया कि यह अनुष्ठान मां गंगा के प्रति गहरी श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है। मां गंगा को देवी के रूप में पूजा जाता है और यह मानव सभ्यता की शाश्वत जीवनरेखा मानी जाती है। श्रद्धालुओं के लिए यह अनुष्ठान आध्यात्मिक शांति और आंतरिक ऊर्जा का एक अनूठा अनुभव कराने वाला रहा। बनारस की तर्ज पर हुए इस आयोजन से जयदा मंदिर का धार्मिक वातावरण और भी अधिक ऊर्जावान हो गया।
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आयोजन को सफल बनाने में इनका रहा अहम योगदान
इस ऐतिहासिक आयोजन की पूरी व्यवस्था और नेतृत्व संदीप सुल्तानिया, अनुप जालान, प्रकाश पसारी और आयुष पसारी ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम के अवसर पर राजेश पसारी, विमल गुप्ता, सुधीर अग्रवाल, रामवतार अग्रवाल, रत्नाकर खेतान समेत बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु मौजूद रहे। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए चौका और चांडिल थाना प्रभारी भी मौके पर मुस्तैद रहे।
इस महा गंगा आरती को सफल बनाने में मुख्य रूप से राकेश अग्रवाल, गोपाल सुल्तानिया, नितिन शिवम गुप्ता, पंकज आसारी, विनोद सुल्तानिया, अनील जालान, नवीन पसारी, विमल जालान, कमल जालान, अमित बागड़िया, मनोज पसारी, दिनेश जालान और नीरज जालान आदि का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा।



