
जमशेदपुर ।


मानगो स्थित पृथ्वी पर्यावरण उद्यान में सिविल डिफेंस (नागरिक सुरक्षा) के डिवीजनल वार्डन बलवंत सिंह के नेतृत्व में एक भव्य वृक्षारोपण और पौधा वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह पुनीत कार्य स्व. सैनिक जसवंत सिंह की 26वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति आम जनमानस को जागरूक करना और शहर में हरियाली को बढ़ावा देना था। इस दौरान शहर के अनेक गणमान्य लोगों और प्रकृति प्रेमियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
पौधारोपण के साथ-साथ पौधों का संरक्षण भी है जरूरी
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन सेना के सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर पीके झा ने किया। वहीं, जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के तौर पर दैनिक जागरण के संपादक प्रदीप कुमार, महाप्रबंधक दिलावर साहू, गायत्री परिवार के ट्रस्टी सुरेश लाल और पूर्व सैनिक सेवा परिषद के सुशील सिंह ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। उद्घाटनकर्ता ब्रिगेडियर पीके झा ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि हमारा उद्देश्य केवल पौधारोपण करना नहीं होना चाहिए, बल्कि लगाए गए वृक्षों का संवर्धन और संरक्षण करना ही हमारा मुख्य लक्ष्य होना चाहिए।
एक पेड़ दस पुत्रों के समान: विधायक सरयू राय
मुख्य अतिथि विधायक सरयू राय ने पर्यावरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक पेड़ दस पुत्रों के समान होता है। जुलाई माह को वन महोत्सव के रूप में मनाया जाता है, लेकिन हमें यह समझना होगा कि पेड़-पौधों के ऑक्सीजन उत्सर्जित करने की भी एक सीमा होती है। कल-कारखानों से निकलने वाली जहरीली गैसें इन पेड़ों को भी भारी नुकसान पहुंचा रही हैं। इसलिए, आज के समय में पर्यावरण के संरक्षण और संवर्धन के लिए लोगों का जागरूक होना नितांत आवश्यक है।
ऑक्सीजन के बिना 2 मिनट भी जीवन संभव नहीं
विशिष्ट अतिथि प्रदीप कुमार ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना और पेड़-पौधे लगाना हर नागरिक का प्रथम कर्तव्य होना चाहिए। वहीं, कार्यक्रम के आयोजक बलवंत सिंह ने प्राणवायु के महत्व को समझाते हुए कहा कि इंसान भोजन के बिना 10 दिन और पानी के बिना 5 दिन जीवित रह सकता है, लेकिन प्राण वायु (ऑक्सीजन) के बिना 2 मिनट भी जीवन संभव नहीं है। जिसके बिना जीवन इतना दूभर है, हमें उसकी असली अहमियत समझनी चाहिए।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से वाल्मीकि सिंह, आजाद सिंह, नित्यानंद सिंह, विनोद राय, कैलाश सिंह, मृत्युंजय सिंह, राजेश कुमार, बबलू सिंह सहित कई अन्य पर्यावरण प्रेमियों का सराहनीय योगदान रहा।



