
मानगो शहरी जलापूर्ति योजना फेज 2 (पार्ट B) के अंतर्गत NH 33 के राइट ऑफ वे (RAW) में पाइप बिछाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। पाइप लाइन एलाईमेंट के अंतिम रूट निर्धारण में आ रही सभी तकनीकी और प्रशासनिक कठिनाइयां समाप्त हो गई हैं। मेयर सुधा गुप्ता की लगातार सक्रियता, दौरों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ हुई बैठकों के बाद इस महत्वाकांक्षी परियोजना की सबसे बड़ी बाधा को दूर कर लिया गया है।

जनसंवाद और स्थलों का निरीक्षण
परियोजना को गति देने के लिए जमीनी स्तर पर प्रयास किए गए। इसी क्रम में 26 मार्च को बालीगुमा क्षेत्र का दौरा कर स्थल निरीक्षण किया गया था। इसके बाद 13 अप्रैल को जयपाल कॉलोनी के स्थानीय निवासियों के साथ बैठक की गई, जहां उनकी समस्याओं को सुनते हुए वैकल्पिक स्थल के चयन का प्रस्ताव रखा गया। स्थानीय स्तर पर सहमति बनने के बाद 17 अप्रैल को आयोजित बोर्ड की बैठक में इस प्रस्ताव को आधिकारिक रूप से लाया गया, जिससे योजना को कानूनी और प्रशासनिक बल मिला।
विभागों में समन्वय और NHAI की बैठक
तकनीकी पेचों को सुलझाने के लिए 22 अप्रैल को NHAI, PHED, मानगो नगर निगम और संवेदक (ठेकेदार) की एक संयुक्त महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने के लिए सभी विभागों के बीच आम सहमति बनाना था। इसके बाद 8 मई को कार्यपालक अभियंता सुमित कुमार ने पत्रांक संख्या 641 के जरिए GM (T) सह प्रोजेक्ट डायरेक्टर को पत्र लिखकर अंतिम रूट निर्धारित करने का आग्रह किया। साथ ही, मेयर सुधा गुप्ता ने भी कार्यपालक अभियंता को लिखित निर्देश देकर वैकल्पिक पाइपलाइन रूट निर्धारण के कार्य को जल्द से जल्द निष्पादित करने को कहा।
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NHAI की मंजूरी और फिजिबिलिटी रिपोर्ट
NHAI ने अपने पत्रांक संख्या भाराराप्रा/पकाई/रांची/33/2026/089 के माध्यम से स्थिति स्पष्ट की। NHAI के अनुसार, एलीवेटेड कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत KM 248+400 डिमना नाला पर निर्माण कार्य होना है, जिससे मुख्य पाइपलाइन प्रभावित हो सकती थी। इसी को ध्यान में रखते हुए NHAI ने वैकल्पिक व्यवस्था (डाइवर्टेड रूट) के प्रस्ताव को अपनी हरी झंडी दे दी।
इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए 13 मई को रांची से आई NHAI की विशेष टीम ने मौके पर पहुंचकर मैप और नक्शा तैयार करने का काम पूरा किया। इसके तुरंत बाद PHED ने भी अपनी तकनीकी फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर कार्यपालक अभियंता को सौंप दी है, जिसके बाद अब धरातल पर काम शुरू होने की कगार पर है।


