
Seraikela News: समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता में साप्ताहिक जनता दरबार का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान जिले के विभिन्न शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। उपायुक्त ने सभी नागरिकों से क्रमवार मिलकर उनकी समस्याओं, शिकायतों एवं मांगों को बेहद गंभीरता से सुना। मामलों के त्वरित और प्रभावी निष्पादन के लिए मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

बुनियादी ढांचा और सड़क निर्माण से जुड़ी मांगें
जनता दरबार में बुनियादी ढांचे के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण आवेदन प्राप्त हुए। ग्रामीणों ने राजनगर प्रखंड के अंतर्गत ग्राम टिंटिडीह, छोटाखीरी, बाना एवं गेंगरुली को जोड़ने वाली जर्जर पीसीसी सड़क की अविलंब मरम्मत कराने की मांग की। इसके अलावा, उच्च विद्यालय एदल में चहारदीवारी निर्माण और राजनगर स्थित खैरकोचा पुलिया निर्माण कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया गया। गम्हरिया प्रखंड के अंतर्गत जगन्नाथपुर और बलरामपुर को जोड़ने वाली नई पीसीसी सड़क निर्माण का मामला भी प्रमुखता से उठा।
अतिक्रमण, जाम और सार्वजनिक भवनों की मरम्मत पर चर्चा
शहरी क्षेत्रों की समस्याओं को रेखांकित करते हुए आवेदकों ने लाल बिल्डिंग चौक के समीप सर्विस रोड पर लगातार हो रहे अतिक्रमण और इसके कारण लगने वाले भीषण जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने की गुहार लगाई। वहीं, गम्हरिया-कांड्रा क्षेत्र में स्थित जर्जर बाजार भवन की तत्काल मरम्मत कराने तथा गम्हरिया प्रखंड के जगन्नाथपुर-बलरामपुर स्थित सार्वजनिक तालाब की सफाई कराने संबंधी आवेदन भी सौंपे गए। इसके साथ ही, आदित्यपुर फुटबॉल मैदान स्थित रेड क्रॉस को आवंटित भवन से जुड़े आपत्तिजनक मामलों पर भी चर्चा हुई।
प्रशासनिक मामले और शहीदों के आश्रितों को न्याय
जनता दरबार में प्रशासनिक संवेदनशीलता का उदाहरण तब देखने को मिला जब भारतीय सेना के दिवंगत जवान के आश्रित को आवंटित भूमि के बंदोबस्ती आदेश निर्गत करने का मामला सामने आया। इसके अतिरिक्त, जिले में लंबित चौकीदार बहाली प्रक्रिया में प्रगति लाने और इसे जल्द पूरा करने की मांग की गई। उपायुक्त ने इन संवेदनशील मामलों पर त्वरित संज्ञान लिया।
निर्धारित समय-सीमा में निष्पादन का अल्टीमेटम
जनता दरबार में आए कई मामलों का निष्पादन उपायुक्त ने मौके पर ही कर दिया। शेष बचे आवेदनों को लेकर उन्होंने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि सभी मामलों की जांच कर निर्धारित समय-सीमा के भीतर उनका निपटारा सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी अधिकारी संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ काम करें और लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करें।


