
सरायकेला-खरसावां। जिले के खरसावां प्रखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन वितरण में बड़ी हेराफेरी का भंडाफोड़ हुआ है। उपायुक्त (DC) के निर्देश पर की गई विशेष जांच में दो निलंबित जन वितरण प्रणाली दुकानदारों के स्टॉक में भारी गड़बड़ी पाई गई है। अभिलेखों (Records) के मिलान और भौतिक सत्यापन के दौरान हजारों किलो सरकारी अनाज गायब मिला, जिसके बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।

सरजाडीह और तेलीसाई के डीलरों पर बड़ी कार्रवाई
जिला आपूर्ति पदाधिकारी के निर्देश पर अंचल अधिकारी-सह-प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (खरसावां) द्वारा दोषी दुकानदारों के खिलाफ खरसावां थाना में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, ग्राम सरजाडीह के निलंबित पीडीएस दुकानदार अशोक कुमार प्रधान (अनुज्ञप्ति सं.-03/87) के गोदाम में कागजों के अनुसार 13,935 किलोग्राम चावल और 3,454 किलोग्राम गेहूं होना चाहिए था, लेकिन मौके पर स्टॉक पूरी तरह शून्य पाया गया।
इसी तरह, ग्राम तेलीसाई के निलंबित डीलर विनोद नायक (अनुज्ञप्ति सं.-10/99) के पास सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर 15,142 किलोग्राम चावल और 3,892 किलोग्राम गेहूं का अवशेष स्टॉक होना अनिवार्य था, परंतु भौतिक सत्यापन में वहां भी चावल का स्टॉक पूरी तरह गायब (शून्य) मिला।
गरीबों के हक पर डाका बर्दाश्त नहीं: उपायुक्त
सरायकेला-खरसावां जिला प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली गरीब, वंचित और पात्र राशन कार्ड धारकों के खाद्य सुरक्षा अधिकारों से जुड़ी बेहद संवेदनशील कल्याणकारी व्यवस्था है। इस व्यवस्था में किसी भी तरह की कालाबाजारी, अनाज की हेराफेरी या गबन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
जिले भर में चलेगा सघन जांच अभियान
उपायुक्त के आदेशानुसार जिले की अन्य सभी निलंबित और संदिग्ध जन वितरण प्रणाली दुकानों के स्टॉक और अभिलेखों का भी सघन भौतिक सत्यापन कराया जा रहा है। प्रशासन ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को नियमित निगरानी और प्रभावी अनुश्रवण (Monitoring) सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि जनता के अधिकारों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।


