
जमशेदपुर।


पोटका के विधायक Sanjib Sardar ने झारखंड के निर्माता और महान आंदोलनकारी दिशोम गुरु शिबू सोरेन को पद्मभूषण सम्मान दिए जाने पर हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मिला यह सम्मान केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे
देश के लिए गर्व और सम्मान का विषय है।
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जल-जंगल-जमीन की लड़ाई को दी आवाज
विधायक संजीव सरदार ने कहा कि गुरुजी शिबू सोरेन ने अपने पूरे जीवन में जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए संघर्ष किया। आदिवासी अस्मिता, सामाजिक न्याय और गरीब-वंचितों के अधिकारों की लड़ाई को उन्होंने सदैव प्राथमिकता दी। उनका जीवन संघर्षशील रहा और उन्होंने सत्ता से अधिक समाज के हक़ की चिंता की।
आदिवासी अस्मिता के प्रतीक
संजीव सरदार ने कहा कि दिशोम गुरु केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि आदिवासी चेतना और आत्मसम्मान के प्रतीक हैं। उन्होंने आदिवासी समाज को अपनी पहचान, अधिकार और सम्मान के लिए संगठित किया। झारखंड आंदोलन के दौरान उन्होंने जो संघर्ष किया, वही आगे चलकर राज्य निर्माण की नींव बना।
नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा
पोटका विधायक ने कहा कि गुरुजी का संघर्ष, त्याग और नेतृत्व आज की पीढ़ी के लिए एक जीवंत प्रेरणा है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और लोकतांत्रिक तरीके से आदिवासी समाज की आवाज़ को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाया।
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झारखंड राज्य निर्माण में ऐतिहासिक भूमिका
संजीव सरदार ने कहा कि अलग झारखंड राज्य के गठन में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की भूमिका ऐतिहासिक रही है। दशकों तक चले आंदोलन, बलिदान और संघर्ष के बाद वर्ष 2000 में झारखंड राज्य अस्तित्व में आया। इस संघर्ष की अगुवाई करने वाले गुरुजी को इसलिए ही “दिशोम गुरु” कहा जाता है।
संस्कृति और मिट्टी का सम्मान
उन्होंने कहा कि पद्मभूषण सम्मान झारखंड की मिट्टी, संस्कृति और आदिवासी समाज के आत्मसम्मान का सम्मान है। यह सम्मान उस विचारधारा को मान्यता देता है, जिसने हाशिये पर खड़े समाज को मुख्यधारा में लाने का काम किया।
सोशल मीडिया के माध्यम से रखी भावना
संजीव सरदार ने यह बात अपने सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से कही। उन्होंने केंद्र सरकार के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि यह सम्मान गुरुजी के दशकों के संघर्ष की राष्ट्रीय स्वीकृति है।
झारखंड के निर्माता, महान आंदोलनकारी आदरणीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी को पद्म भूषण सम्मान मिलना पूरे झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के लिए गर्व और सम्मान का विषय है।
जल-जंगल-ज़मीन, आदिवासी अस्मिता, सामाजिक न्याय और गरीब-वंचितों के हक़ की लड़ाई को उन्होंने जीवनभर आवाज़ दी। उनका संघर्ष,… pic.twitter.com/qiUHaw6ndD
— Sanjib Sardar- MLA, Potka (@SanjibSardar46) January 25, 2026


