
जमशेदपुर: सावन (Sawan 2026) माह की पवित्र अमावस्या के अवसर पर बुधवार को लौहनगरी जमशेदपुर पूरी तरह से भक्तिमय नजर आई। बर्मामाइंस (Burmamines) के ईस्ट प्लांट बस्ती स्थित ऐतिहासिक श्री श्री दक्षिणेश्वरी काली मंदिर में सावन अमावस्या के मौके पर भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां काली की विशेष पूजा-अर्चना संपन्न की गई। इस पावन अवसर पर मां का पवित्र स्नान और भव्य श्रृंगार (Shringar) किया गया, जिसके अलौकिक दर्शन के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिर परिसर मां के जयकारों से गूंजायमान हो उठा।


यह भी पढ़ें :Fake TTE in Train: रेलवे में नौकरी नहीं, फिर भी आसनसोल-गया एक्सप्रेस में कर रही थी टिकट चेकिंग! यात्रियों की सूचना पर धनबाद में धरा गई ‘फर्जी महिला टीटीई’
पुरोहित विश्वजीत ने संपन्न कराई पूजा, बंटा महाप्रसाद
मंदिर के मुख्य पुरोहित विश्वजीत के मार्गदर्शन में यह विशेष अनुष्ठान और पूजा संपन्न कराई गई।
भव्य श्रृंगार व आरती: मां काली का आकर्षक श्रृंगार करने के पश्चात महाआरती की गई।
महाप्रसाद वितरण: पूजा समाप्त होने के बाद मंदिर कमेटी की ओर से उपस्थित सैकड़ों श्रद्धालुओं के बीच भोग और महाप्रसाद का वितरण किया गया, जिसे ग्रहण कर भक्तों ने पुण्य लाभ कमाया।
यह भी पढ़ें: Jamshedpur News: सावन अमावस्या पर जुगसलाई शनिदेव मंदिर में गूंजे ‘हर-हर महादेव’, शिव चर्चा व तेलाभिषेक से भक्तिमय हुआ माहौल
‘जहां मां काली, वहां स्वयं शिव विराजमान’
मौके पर उपस्थित मंदिर कमेटी के अध्यक्ष गलविंदर सिंह ग्वाले ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सावन और शक्ति उपासना के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि, “सनातन धर्म में श्रावण मास का बहुत अधिक महत्व है। पूरे सावन माह में श्रद्धालु तामसिक और मांसाहारी भोजन का त्याग कर भगवान भोलेनाथ की आराधना करते हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि जहां मां काली की उपस्थिति होती है, वहां स्वयं भोले भंडारी शिव भी विराजमान होते हैं। ऐसे में सावन अमावस्या के विशेष दिन मां काली की पूजा-अर्चना करने का धार्मिक रूप से बहुत बड़ा महत्व है।
इस भव्य और सफल धार्मिक आयोजन को संपन्न कराने में मंदिर कमेटी के सभी सदस्यों, कार्यकर्ताओं और स्थानीय श्रद्धालुओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।



