
जमशेदपुर। भारत की अग्रणी बिल्डिंग मटेरियल कंपनियों में शुमार न्युवोको विस्टास कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने 30 जून 2026 को समाप्त हुई पहली तिमाही के शानदार वित्तीय परिणाम घोषित किए हैं। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और बाजार की चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में बिक्री, कुल आय, एबिटिडा (EBITDA) और मुनाफे में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। कंपनी का यह प्रदर्शन उसकी मजबूत परिचालन क्षमता और बाजार में बढ़ती पकड़ को दर्शाता है।


आय और एबिटिडा में शानदार ऐतिहासिक उछाल
न्युवोको विस्टास ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही में अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। इस दौरान कंपनी की कुल आय 9 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि के साथ 3,129 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई। मुनाफे की बात करें तो कंपनी ने पहली तिमाही में 572 करोड़ रुपये का एबिटिडा दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 7 प्रतिशत अधिक है। यह कंपनी के इतिहास में किसी भी पहली तिमाही में हासिल किया गया अब तक का सर्वाधिक एबिटिडा है। इसके साथ ही, कर पश्चात लाभ (PAT) में भी साल-दर-साल मजबूत वृद्धि देखी गई है। पहली तिमाही में कंपनी ने 5.3 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) सीमेंट की बिक्री की, जो पिछले साल के मुकाबले 5 प्रतिशत अधिक है।
क्षमता विस्तार: 35 मिलियन मीट्रिक टन का लक्ष्य
कंपनी का महत्वाकांक्षी क्षमता विस्तार कार्यक्रम अपनी निर्धारित योजना के अनुरूप तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस योजना के तहत वित्त वर्ष 2028 तक न्युवोको की कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 35 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष (MMTPA) करने का लक्ष्य रखा गया है। हाल ही में कंपनी ने गुजरात के सूरत स्थित लिमला में अपनी नई ग्राइंडिंग यूनिट का उद्घाटन निर्धारित समय से पहले ही कर दिया है। यह सफलता कंपनी की परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की प्रतिबद्धता और टीम के समर्पण को प्रमाणित करती है।
लागत नियंत्रण और दक्षता पर निरंतर फोकस
कंपनी के इस ऐतिहासिक प्रदर्शन पर प्रबंध निदेशक जयकुमार कृष्णास्वामी ने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वर्ष की यह मजबूत शुरुआत कंपनी के अनुशासित पूंजी निवेश और बेहतर कारोबारी रणनीति का परिणाम है। एबिटिडा और मुनाफे (पीएटी) में हुई यह वृद्धि मुख्य रूप से मजबूत परिचालन क्षमता, लागत नियंत्रण और व्यावसायिक दक्षता पर निरंतर फोकस करने के कारण संभव हो सकी है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आगामी तिमाहियों में कच्छ (गुजरात) में शेष उत्पादन क्षमता को भी शुरू कर दिया जाएगा, जिससे पश्चिमी और उत्तरी भारत के बाजारों में कंपनी की मौजूदगी और भी अधिक सशक्त होगी।


