
JAMSHEDPUR NEWS: देश भर में नीट (NEET) परीक्षा के पेपर लीक मामले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। जमशेदपुर में जिला कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश सिंह ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशासनिक दक्षता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि बार-बार नीट पेपर का लीक होना देश के लिए एक ‘नेशनल डिजास्टर’ (राष्ट्रीय आपदा) के समान है और इतिहास में इसे मोदी सरकार की विफलता के सबसे बड़े स्मारक के रूप में जाना जाएगा।
भविष्य के अंधकार से चार होनहार छात्रों ने दी जान
कांग्रेस नेता ने इस घटना को देश की अंतरात्मा को झकझोर देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक होना कोई सामान्य या छोटी घटना नहीं है। इस भयानक त्रासदी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पेपर लीक होने और परीक्षा रद्द होने के डर से देश के अलग-अलग हिस्सों में चार होनहार छात्रों ने अपने भविष्य को अंधकारमय मानकर आत्महत्या कर ली। ये छात्र केवल अपने परिवार के लाडले नहीं थे, बल्कि देश और समाज के सच्चे सपूत थे, जो भविष्य में चिकित्सक बनकर मरीजों की सेवा करते।
रेलवे स्टेशनों पर रात गुजारते हैं गरीब परीक्षार्थी
अवधेश सिंह ने छात्रों की आर्थिक स्थिति का मार्मिक वर्णन करते हुए कहा कि नीट परीक्षा में सिर्फ अमीर घरानों के बच्चे नहीं बैठते। 22 लाख से अधिक परीक्षार्थियों में से 5 से 6 लाख बच्चे ऐसे गरीब परिवारों से आते हैं, जो किसी तरह फीस और मुश्किल से कोचिंग का खर्च जुटा पाते हैं। ये बच्चे ट्रेन और बस का किराया भी बड़ी कठिनाई से जमा करते हैं। परीक्षा देने गए इन लाखों छात्रों ने महंगे होटलों में नहीं, बल्कि रेलवे स्टेशनों के प्लेटफॉर्म पर अपनी रातें गुजारी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन तमाम वास्तविकताओं से मुंह मोड़कर अपने दायित्वों की अनदेखी कर रहे हैं।
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600 से 700 करोड़ के घोटाले की आशंका
कांग्रेस नेता ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के रवैये पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री इस पूरे मामले में पूरी तरह से भावशून्य नजर आ रहे हैं, जैसे छात्रों की आत्महत्या उनके लिए कोई मायने ही नहीं रखती। अवधेश सिंह ने कुछ गंभीर आरोप लगाते हुए कहा:
NTA की भूमिका संदिग्ध: नीट परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी NTA को अधिकृत करने वाले सबसे बड़े दोषी हैं।
संगठित लूट का अंदेशा: ऐसी चर्चाएं आम हैं कि पेपर लीक के नाम पर 600 से 700 करोड़ रुपये के लेनदेन का बड़ा भ्रष्टाचार किया गया है।
उच्च स्तरीय जांच की मांग: इस बड़े खेल में केंद्र सरकार के कौन-कौन से लोग लिप्त हैं, यह एक अत्यंत गंभीर जांच का विषय है।
आम जनता से एकजुट होने की अपील
कांग्रेस नेता ने कहा कि अब यह मामला राष्ट्रीय क्षति का रूप ले चुका है। आम जनता को अब चुप नहीं बैठना चाहिए और केंद्र सरकार की इन विफलताओं के खिलाफ खड़ा होना चाहिए। गौरतलब है कि इस मुद्दे को लेकर पिछले दिनों पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परविंदर सिंह और अन्य वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में जिला समाहरणालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया गया था। कांग्रेस ने ऐलान किया है कि वे इस मुद्दे को लेकर निरंतर जनता के बीच जाएंगे और न्याय की लड़ाई लड़ेंगे।


