
जमशेदपुर।
गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाशोत्सव के पावन उपलक्ष्य में साकची गुरुद्वारा साहिब में 5, 6 और 7 नवंबर को तीन दिवसीय भव्य कीर्तन दरबार का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर पूरे परिसर को श्रद्धा, भक्ति और सेवा की भावना से सजाया जाएगा। इस विशेष धार्मिक समागम में दरबार साहिब, अमृतसर के हजूरी रागी भाई साहिब भाई सरबजीत सिंह सुचेतगढ़ सिंह सहित पंथ के प्रसिद्ध रागी जत्थे भी शिरकत करेंगे।
शुक्रवार को गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी, साकची में प्रधान सरदार निशान सिंह ने पूर्व महसचिव परमजीत सिंह काले, सतपाल सिंह राजू, अजायब सिंह, प्रितपाल सिंह, मनोहर सिंह मिते, सन्नी सिंह बरियार, सतनाम सिंह घुम्मण, दलजीत सिंह, अमन सिंह और अन्य की उपस्थिति में तीन दिवसीय कीर्तन दरबार का पोस्टर विमोचन किया।

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प्रधान सरदार निशान सिंह ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत 5 नवंबर की सुबह श्री अखंड पाठ साहिब की समाप्ति के साथ होगी। इसके उपरांत तीनों दिनों प्रातः और संध्या समय कीर्तन दरबार का आयोजन होगा जिसमें श्री दरबार साहिब, अमृतसर के हजूरी रागी भाई साहिब भाई सरबजीत सिंह सुचेतगढ़, अमृतसर के प्रसिद्ध ढाढ़ी जत्थे भाई साहिब भाई हरप्रीत सिंह जेठूवाल, हजूरी रागी गुरुद्वारा साहिब साकची भाई साहिब भाई नारायण सिंह अमृतसरी, मुख्य ग्रंथी भाई साहिब भाई अमृतपाल सिंह और जत्थेदार ज्ञानी जरनैल सिंह सहित अन्य विख्यात रागी जत्थे कीर्तन सेवा निभाएंगे।
संध्या समय में भाई साहिब भाई नारायण सिंह अमृतसरी एवं साकची गुरुद्वारा के मुख्य ग्रंथी भाई साहिब भाई अमृतपाल सिंह विशेष कीर्तन करेंगे। संगत के लिए गुरु का लंगर निरंतर चलता रहेगा। प्रधान सरदार निशान सिंह ने कहा कि यह आयोजन स्त्री सत्संग सभा, साकची, सुखमणि साहिब कीर्तनी जत्था और सिख नौजवान सभा के सहयोग से किया जा रहा है। उन्होंने कहा, गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व पूरे मानव समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। यह दिन संगत को प्रेम, शांति और सेवा के मार्ग पर चलने का संदेश देता है। साकची गुरुद्वारा का यह समागम गुरु की कृपा प्राप्त करने का एक पावन अवसर बनेगा। संगत से निवेदन है कि अधिक से अधिक संख्या में आकर दरबार में हाजरी भरें।
वरिष्ठ सदस्य सरदार परमजीत सिंह काले ने कहा कि गुरु नानक देव जी ने पूरी मानवता को एकता, प्रेम और सेवा का संदेश दिया। यह कीर्तन दरबार उसी भावना को जीवंत करेगा, जहाँ हर शब्द में भक्ति और हर सुर में गुरु का आशीर्वाद समाया रहेगा।
गुरुद्वारा परिसर में तीनों दिनों तक निरंतर गुरु का लंगर चलेगा, जिसका लाभ सभी श्रद्धालु उठा सकेंगे। आयोजन समिति ने बताया कि लंगर सेवा प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक चलेगी।
साकची गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने संपूर्ण संगत से अपील की है कि इस पवित्र अवसर पर परिवार सहित उपस्थित होकर गुरबाणी की अमृत वर्षा में शामिल हों और गुरु घर की खुशियां और कृपा का लाभ प्राप्त करें।


