
रिपोर्ट आनंद किशोर
जमशेदपुर में सुरक्षा पर बड़ा खतरा 4 साल से अधूरा है नया पुल
जमशेदपुर, 25 जुलाई औद्योगिक शहर जमशेदपुर के गोविंदपुर-घोड़ाबांधा को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण बाइपास मार्ग और स्वर्णरेखा नदी पर स्थित पुराना पुल इस समय राहगीरों के लिए काल साबित हो रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग-33 (NH-33) के चांदनी चौक को जोड़ने वाले इस व्यस्त मार्ग से रोजाना हजारों नागरिक और टाटा मोटर्स समेत कई बड़े उद्योगों के भारी वाहन गुजरते हैं।


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इसके बावजूद, स्वर्णरेखा नदी पर समानांतर बन रहा नया पुल पिछले चार वर्षों से अधूरा पड़ा है। विभागीय लापरवाही और कार्यदायी कंपनी की सुस्ती के कारण नया पुल तैयार नहीं हो सका, जिससे सारा दबाव जर्जर हो चुके पुराने पुल पर आ गया है।
औद्योगिक और आम यातायात के लिए बेहद अहम है यह मार्ग
यह सड़क न केवल स्थानीय बस्तियों को जोड़ती है, बल्कि टाटा मोटर्स और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में जाने वाले भारी मालवाहक वाहनों के लिए भी एक प्रमुख जीवन रेखा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल की स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि किसी भी दिन यहाँ बड़ा हादसा हो सकता है।
पुल निर्माण कंपनी द्वारा समय पर कार्य पूरा न करने के कारण पुराने पुल की आवश्यक मरम्मत भी रुक गई है। नतीजतन, इस मार्ग से गुजरने वाले हजारों चालकों और यात्रियों की जान हर पल जोखिम में रहती है।
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मजदूर प्रतिनिधि ने उपायुक्त कार्यालय में सौंपा ज्ञापन
जनहित और यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए मजदूर प्रतिनिधि ज्ञान सागर प्रसाद ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त (DC) को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपा है। उपायुक्त कार्यालय द्वारा ज्ञापन पर प्राप्ति की मुहर लगा दी गई है।
ज्ञान सागर प्रसाद ने प्रशासनिक ढिलाव पर चिंता जताते हुए मांग की है कि
अधूरे पड़े नए पुल का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर पूरा कराया जाए।
जर्जर हो चुके पुराने पुल की तुरंत मरम्मत की जाए ताकि संभावित दुर्घटनाओं को टाला जा सके।
स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेकर शीघ्र ठोस कदम उठाएगा।



