
जमशेदपुर।
ब्रह्मलोक धाम में ब्रह्मस्वरूप भगवान ब्रह्मानंद जी का 98वां जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 50 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे वर-वधू, उनके परिजनों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति से पूरा धाम उत्सव के रंग में रंगा नजर आया। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ आयोजित इस समारोह ने सामाजिक एकता, सद्भाव और सेवा का संदेश दिया।
50 जोड़ों ने शुरू किया नया जीवन, पिछले वर्ष से दोगुनी हुई संख्या
भगवान ब्रह्मानंद जी के जन्मोत्सव पर हर वर्ष सामूहिक विवाह आयोजित करने की परंपरा रही है। पिछले वर्ष 97वें जन्मोत्सव के अवसर पर 25 जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया था। इस बार यह संख्या बढ़कर 50 पहुंच गई।
आयोजन समिति के अनुसार, सामूहिक विवाह का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को सहयोग प्रदान करना और विवाह जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक संस्कार को सामूहिक सहभागिता के साथ संपन्न कराना है।
समारोह में नवविवाहित जोड़ों और उनके परिजनों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आयोजन में भाग लेकर नवदंपतियों के सुखद वैवाहिक जीवन की कामना की।
गांव-गांव तक सामूहिक विवाह अभियान पहुंचाने की तैयारी
आयोजन से जुड़े मोनू भट्टाचार्य ने बताया कि ब्रह्मलोक धाम की ओर से सामूहिक विवाह की परंपरा को लगातार विस्तार दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य समाज के अधिक से अधिक परिवारों को इस पहल से जोड़ना और सामूहिक सहयोग की भावना को मजबूत करना है।
उन्होंने बताया कि भविष्य में सामूहिक विवाह समारोह को और व्यापक स्वरूप देने की योजना है। इसके लिए गांव-गांव जाकर लोगों से संपर्क किया जाएगा, ताकि जरूरतमंद परिवारों को इस आयोजन की जानकारी मिल सके और वे इसका लाभ उठा सकें।
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वर्ष 2028 के द्वि-शताब्दी महापरिक्रमण की तैयारी शुरू
मोनू भट्टाचार्य ने बताया कि वर्ष 2028 में प्रस्तावित द्वि-शताब्दी महापरिक्रमण को लेकर भी तैयारियां की जा रही हैं। इस आयोजन को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने के लिए जनसंपर्क अभियान चलाने की योजना बनाई गई है।इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचकर श्रद्धालुओं और विभिन्न परिवारों को धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।
धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सेवा का संदेश
ब्रह्मलोक धाम में आयोजित जन्मोत्सव और सामूहिक विवाह समारोह में देश के अलग-अलग क्षेत्रों से श्रद्धालुओं की भागीदारी देखने को मिली।आयोजन समिति ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले श्रद्धालुओं, कार्यकर्ताओं और अन्य लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।समिति के अनुसार, इस तरह के आयोजनों से न केवल धार्मिक आस्था मजबूत होती है, बल्कि सामाजिक सहयोग और आपसी सद्भाव को भी बढ़ावा मिलता है।भगवान ब्रह्मानंद जी के 98वें जन्मोत्सव पर आयोजित यह सामूहिक विवाह समारोह 50 परिवारों के लिए यादगार बन गया।
ब्रह्मलोक धाम में भगवान ब्रह्मानंद जी का 98वां जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर आयोजित सामूहिक विवाह समारोह में 50 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। पिछले वर्ष 25 जोड़ों का विवाह हुआ था।
धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सेवा और सहयोग का संदेश देता यह आयोजन। 💐💍
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