
जमशेदपुर: जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), पूर्वी सिंहभूम के अनुरोध पर मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज (MTMC), जमशेदपुर के आउटरीच विभाग द्वारा एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर पोटका स्थित आवासीय सरकारी विद्यालय, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) में लगाया गया। यह संस्थान वंचित और सामाजिक-आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाली बालिकाओं की शिक्षा और उनके समग्र विकास के लिए लगातार कार्यरत है।
Health Checkup Coverage: 155 छात्राओं का हुआ व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण
इस स्वास्थ्य शिविर के दौरान चिकित्सकीय दल द्वारा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी), पोटका की कुल 525 छात्राओं में से 155 छात्राओं का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। डॉक्टरों की टीम ने छात्राओं के सामान्य शारीरिक स्वास्थ्य, पोषण की स्थिति, त्वचा रोग, सामान्य संक्रामक बीमारियों, दंत स्वास्थ्य और व्यक्तिगत स्वच्छता (Personal Hygiene) का बारीकी से मूल्यांकन किया। इससे पहले 20 अप्रैल 2026 को भी एक शिविर का आयोजन किया गया था, जिसमें 215 छात्राओं की सामान्य स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है।
Health Checkup Report: छात्राओं में मिले एनीमिया और स्केबीज के लक्षण
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स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान कई अहम निष्कर्ष सामने आए। शिविर में जिन छात्राओं में एनीमिया (रक्ताल्पता) की पहचान हुई, उन्हें हीमोग्लोबिन का स्तर सुधारने के लिए विशेष परामर्श दिया गया। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की ओर से आयरन-फोलिक एसिड की दवाएँ वितरित की गईं।
इसके अतिरिक्त, सामूहिक आवासीय व्यवस्था में रहने वाली कई छात्राओं में स्केबीज़ (खुजली रोग) का संक्रमण भी पाया गया, जिसके लिए डॉक्टरों ने आवश्यक दवाएँ निर्धारित कीं। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, यह स्थिति छात्राओं के बीच पोषण संबंधी जागरूकता और सामान्य स्वच्छता (Hygiene) के अभाव की ओर संकेत करती है।
Blood Grouping: नवप्रवेशित छात्राओं का हुआ ब्लड ग्रुप टेस्ट
कैंप के दौरान विद्यालय की मुख्य वार्डन के विशेष अनुरोध पर स्कूल में नई दाखिल हुईं 75 नवप्रवेशित छात्राओं का रक्त समूह परीक्षण (Blood Grouping) भी किया गया। जांच के बाद सभी छात्राओं के ब्लड ग्रुप का रिकॉर्ड विद्यालय प्रबंधन को सौंप दिया गया ताकि भविष्य में इसका उपयोग किया जा सके।
Conclusion: आवासीय विद्यालयों में नियमित स्वास्थ्य जांच है बेहद जरूरी
इस स्वास्थ्य शिविर ने आवासीय विद्यालयों में नियमित चिकित्सा जांच की आवश्यकता को एक बार फिर रेखांकित किया है। डॉक्टरों के अनुसार, सामूहिक आवासीय व्यवस्था (Hostel Life) के कारण विद्यार्थियों में पोषण संबंधी कमियों और संक्रामक रोगों के फैलने का जोखिम हमेशा बना रहता है। बीमारियों की समय पर पहचान, सही उपचार और स्वास्थ्य शिक्षा न केवल छात्राओं के तात्कालिक स्वास्थ्य में सुधार लाती है, बल्कि उनके दीर्घकालिक शैक्षणिक प्रदर्शन (Academic Performance) और जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाती है।


